Class 11 हिन्दी (अंतरा) पाठ 4 गूंगे (important questions/answers).

Ncert solution for class 11 Hindi (Antra) chapter – 4 Gunge. Important questions and answers

Question: 1 गूंगे कहानी लिखने के पीछे लेखक का क्या उद्देश्य है?

Answer:

गूंगे कहानी लिखने के पीछे लेखक “रांगेय राघव” जी का उद्देश्य यह है कि लेखक समाज के लोगों को यह बताना व समझाना चाहते हैं कि उन्हें बाकी व्यक्तियों की तरह अपाहिजो , विकलांगों आदि व्यक्तियों के प्रति संवेदनशीलता का स्वभाव रखना चाहिए , उन्हें संपूर्ण मनुष्य की भांति मानना और समझना चाहिए। लेखक का उद्देश्य है कि समाज अपाहिजो़ को बाकी लोगों की तरह ही समानता दे ताकि अपाहिज़ व विकलांग व्यक्ति अपने आप को बाकियों से अलग व दुच्छ ना समझें।

Question: 2 गूंगे के परिवार में कौन-कौन था?

Answer:

गूंगे के परिवार में गूंगा , उसके माता-पिता और बुआ-फूफा थे।

Question: 3 गूंगे कहानी में पाठ का नाम “ गूंगे”  है जबकि कहानी में गूंगा एक ही व्यक्ति है, लेखक ने पाठ का नाम गूंगे क्यों रखा जबकि उसमें गूंगा एक ही व्यक्ति था? स्पष्ट कीजिए।

Answer:

ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि लेखक “रांगेय राघव” यह बताना चाहते हैं कि इस कहानी में गूंगे शब्द लेखक ने उन सभी व्यक्तियों के लिए  किया है जो देखते , सुनते हुए भी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करते , जो गूंगा है उसके लिए नहीं। ऐसे विकलांगों के प्रति व्याप्त संवेदनहीनता को रेखांकित किया गया है , इसलिए कहानी का शीर्षक गूंगे पूर्णतया सार्थक है।

Question: 4 गूंगा क्या – क्या काम करता था?

Answer:

गूंगा , गूंगा होते हुए भी कभी भीख में मांगी हुई कमाई या खाना नहीं खाता था। वह हमेशा खुद का खुद की मेहनत का ही खाता था , इसलिए वह सभी प्रकार के काम कर लेता था जैसे- हलवाई के यहां उसने काम किया और फिर वही नौकरी की , कपड़े धोए आदि। इसके बाद वह चमेली के घर में भी घर के काम करता था।

https://classofachievers.in/ncert-solutions-for-class-11-hindi-antra-summary-chapter-4-gunge/

Question: 5 गूंगे ने चमेली को अपने और अपने परिवार के बारे में क्या-क्या बताया था?

Answer:

गूंगे ने चमेली को अपने और अपने परिवार के बारे में बताया कि बचपन में जब गूंगे का पिता मर गया तो उसकी मां भी उसे छोड़कर चली गई थी। गूंगा यह भी बताता है कि बचपन में किसी ने गला साफ करने की कोशिश में उसके काकल को ही काट दिया था। फिर वह इशारों में यह भी कहता है कि वह कभी मांग कर नहीं खाता , वह हमेशा अपनी मेहनत का कमाता और खाता है। किसी की भीख नहीं लेता। गूंगे के माता पिता के मरने व चले जाने के बाद उसे उसके बुआ-फूफा ने पाला। वह उसे बहुत मारते-पीटते थे और वह चाहते थे कि गूंगा बाजार में पल्लेदारी करके पैसा लाकर उन्हें दें इसलिए वह अब वहां वापस भी नहीं जाना चाहता था।

Question: 6 चमेली गूंगे को अपने साथ लेकर क्यों आती है?

Answer:

चमेली गूंगे को अपने साथ इसलिए लेकर आती है क्योंकि गूंगे की सारी आपबीती सुनकर उसे उस पर दया आ जाती है और वह गूंगे को अपने घर नौकर रख लेती है तथा ₹4 महीने का कमाई देती है।

Question: 7 गूंगा जब पहली बार घर छोड़ कर गया था , तब चमेली की नाराज़गी से उसे दुख क्यों नहीं हुआ?

Answer:

गूंगा जब पहली बार घर छोड़ कर गया था तो चमेली की नाराजगी से उसे दुख इसलिए नहीं हुआ क्योंकि उसे पता था कि गलती उसकी है , उसे अपनी गलती का एहसास था।

Question: 8 बसंता ने जब गूंगे को मारा तब चमेली की क्या प्रतिक्रिया रही?

Answer:

बसंता ने जब गूंगे को मारा तब चमेली की कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई दी क्योंकि चमेली को कुछ समझ नहीं आया , बस बसंता के झूठ बोलने पर वह गूंगे को ही डांट फटकार कर घर से बाहर निकाल देती है क्योंकि तब उसे सच का पता नहीं था।

Question: 9 चमेली बसंता की गलती होने के बावजूद उसको क्यों नहीं डांटती है?

Answer:

चमेली बसंता को नहीं डांटती क्योंकि गूंगेपन के कारण वह बता नहीं पाता कि असल में गलती किसकी है और गूंगा होने के साथ-साथ वे सुन भी नहीं सकता था , इसलिए चमेली को समझ ही नहीं आता कि हुआ क्या था और बसंता उसका बेटा है और गूंगा पराया इसलिए बसंता ने जो बताया चमेली ने वहीं सत्यम मान लिया।

Question: 10 गूंगे कहानी में चमेली के पति के बारे में क्या क्या कहा गया है?

Answer:

मनुष्य में करुणा की भावना जागृत तो अवश्य होती है , परंतु अन्य कारणों से वह उसे व्यक्त नहीं कर पाता। यह कारण जैसे- जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति , कृत्रिम सुखों को खोने का भय , स्वयं किसी विपत्ति में फंसने की आशंका आदि उसके करुणा की भावना को कर्म रूप में परिवर्तित नहीं होने देते उसके करना की भावना मौन रूप धारण कर लेती है वह अपने में सांस नहीं पाता कि उस भावना को साकार कर सकें यह सब चमेली के पति के बारे में कहा गया है।

Question: 11 शारीरिक कमी जो ईश्वर द्वारा प्रदत्त है लेखक के अनुसार शारीरिक कमी वाले लोगों जो इस समाज में रहते हैं इससे लेखक का क्या आशय है? स्पष्ट कीजिए।

Answer:

इससे लेखक का आशय यह है कि समाज में रहने वाले ऐसे लोग जो इसी समाज में रहने वाले कुछ विकलांग , अपाहिज़ व गूंगे आदि जैसे व्यक्तियों का मजाक बनाते हैं उनकी मदद करने की वजह उन पर हंसते हैं और उन्हें डांटते व मारते-पीटते हैं , उन्हें इस समाज का हिस्सा नहीं समझते वह सभी लोग भी अपाहिज़ , विकलांग व शारीरिक कमी वाले ही व्यक्ति हैं। लेखक “रांगेय राघव” जी ने स्पष्ट बताया है कि जो देखते , सुनते वह बोलते हुए भी प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करते गूंगे और बहरे के समान ही है।

Question: 12 गूंगे के सिर से खून क्यों निकल रहा था?

Answer:

गूंगे के सिर से खून इसलिए निकल रहा था क्योंकि चमेली के घर से निकाल देने के बाद सड़क में रहने वाले बाकी लड़कों से गूंगे का झगड़ा हो गया था और गूंगा होने के कारण वह उन लड़कों से दबना नहीं चाहता था। इसी बात पर उन लड़कों ने गूंगे से हाथापाई करने में गूंगे का सर फोड़ दिया।

Question: 13 ‘ चमेली ’ पात्र के माध्यम से लेखक क्या बताना चाहते हैं?

Answer:

लेखक “रांगेय राघव” जी ‘चमेली’ पात्र के माध्यम से बताना चाहते हैं कि हमें किसी भी प्रकार के मोह में आकर किसी बेकसूर को सजा या अपमानित नहीं करना चाहिए यह जानते हुए भी कि वह विकलांग व असहाय हैं। उन्हें अपाहिज़ओ , गूंगे वह बहरे जैसे व्यक्तियों को दुख नहीं पहुंचाना चाहिए। यहां चमेली ने अपने पुत्र के मोह में आकर उस गूंगे बच्चे को यह एहसास करवाया कि वह गूंगा बाकी लोगों जैसा नहीं है अकेला व असहाय और अकेला है , जिससे उससे ही डांट वह अपमान मिला।

Question: 14 हमें विकलांगों के प्रति कैसा व्यवहार करना चाहिए?

Answer:

कोई भी मनुष्य अपने आप में पूर्ण नहीं है। हम सभी में कोई ना कोई व किसी न किसी प्रकार की कमी अवश्य होती है। अतः हमें विकलांगों के साथ समानता का व्यवहार करना चाहिए।

1. उनके सम्मान व स्वाभिमान को बनाए रखना चाहिए।

2. उनके प्रति दया नहीं बल्कि प्रेम व सौहार्द्धपूर्ण व्यवहार करना चाहिए।

3. विषम परिस्थितियों में उनका मज़ाक ना बनाकर उनकी मदद करनी चाहिएं।

4. विकलांगों के प्रति हो रहे अन्याय व शोषण के खिलाफ संघर्ष करना चाहिए।

5. हम कई बातों में उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं और खुद उनसे प्रेरणा ले सकते हैं।

Question: 15 पाठ ‘गूंगे’ के लेखक रांगेय राघव की रचनाएं लिखिए।

Answer:

कहानी संग्रह:-

  • समुद्र के फेन
  • इंसान पैदा हुआ
  • रामराज्य का वैभव
  • ऐयाश मुर्दे
  • जीवन के दाने
  • देवदासी
  • अधूरी मूरत
  • अंगारे न बुझे

उपन्यास:-

  • बोलते खंडहर
  • घरौंदा
  • कब तक पुकारूंँ
  • सीधा-साधा रास्ता
  • विषाद मद
  • अंँधेरे के जुगनू
  • मुर्दों का टीला

Question: 16 ‘ मनुष्य के करुणा की भावना उनके भीतर गूंगेपन की प्रतिच्छाया है। ’ आशय स्पष्ट कीजिए।

Answer:

लेखक “रांगेय राघव” जी  का कहना हैं कि करुणा के लिए अन्याय होता देखकर मनुष्य में करुणा की भावना जगती तो जरूर है , लेकिन बहुत तरह के कारणों की वजह से वह उसे स्पष्ट नहीं कर पाते।

इसके कारण हो सकते हैं :

1. दिखावटी सुख को खोने का डर।

2. खुद का किसी भी मुसीबत में फंस जाने की संभावना।

3. जिम्मेदारियों से बचने का तरीका या रुझान।

उनकी करुणा की भावना को कर्म रूप में बदलने नहीं देते। अर्थात उसकी करुणा की भावना मौन रूप ले लेती है। वह अपने अंदर इतनी हिम्मत नहीं पाता कि उस भावना को पूरा कर सके। यह चमेली के पति के बारे में कहा गया है।
                                                       


Question: 17 निम्नलिखित पंक्तियों को स्पष्ट कीजिए। 

1. सङ से एक चिमटा उसकी पीठ पर जड़ दिया।

Answer:

अधिक क्रोध में आकर गूंगे की पीठ पर चिमटे से वार कर दिया।

2. पत्ते चाटने की आदत पड़ गई है।

Answer:

एक जगह टिक कर स्थाई रूप से काम करना व रहना तो जैसे उसकी आदत में नहीं था। इधर-उधर घूमकर खाने-पीने तथा काम करने की उसकी आदत हो गई है।

3. इशारे गजब के करता है।

Answer:

उसके हाथों और हाव-भाव से किए गए इशारे इतने स्पष्ट होते हैं कि किसी को भी उसकी बात समझ आ जाती है।

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