वाच्य की परिभाषा और उसके भेद

Vachya aur uske bhed in hindi grammar

वाच्य की परिभाषा– क्रिया के जिस प्रयोग से यह ज्ञात होता है कि वाक्य में कर्ता, कर्म और भाव में से किसकी प्रधानता बताई गई है, उसे ही वाच्य कहते हैं। कहने का तात्पर्य यह है कि किसी भी प्रयोग से ज्ञात होता है कि किसी भी वाक्य में कर्ता, कर्म और भाव में किस की प्रधानता बताई गई है। उसे ही वाच्य कहते हैं।

किसी भी बात को बोलने या कहने के बहुत सारे ढंग हो सकते हैं। जरूरी नहीं है कि हम किसी बात को एक ही ढंग में बोले, किसी भी बात को कहने के कई ढंग हो सकते हैं। ढंग बदलने से वाक्य का पूरा ढांचा बदल जाता है। वाक्य के इस बदलाव के कारण ही क्रिया की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जैसा कि ज्ञात है, सभी शब्द –भेदों में से क्रिया सबसे लचीली होती है। मूल रूप से क्रिया का प्रयोग बहुत कम होता है। क्रिया  का मूल रूप तो बहुत कम होता है, लेकिन क्रिया का रूपांतरण सबसे अधिक होता है। कारक, पुरुष, लिंग, वचन, काल, इन सबके कारण ही क्रिया की बनावट में परिवर्तन आता है। यही कारण है कि क्रिया का मूल रूप तो बहुत कम होता है, लेकिन क्रिया के रूपांतरित प्रयोग की सहायता से एक ही बात को कई ढंग से कहा जा सकता है। वाक्य में मुख्य रूप से तीन तत्वों का क्रिया पर आधिपत्य होता है– कर्ता, कर्म और भाव।

उदाहरण के लिए हम 3 वाक्य लेकर आप को समझाते हैं– 

१. बढ़ई मेज बनाता है।

२. बढ़ई के द्वारा मेज बनाई जाती है।

३. बढ़ई से मेज नहीं बनाई जाती है।

इसमें पहले वाक्य में, क्रिया, कर्ता ‘बढ़ई ’ के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार है। दूसरे वाक्य में, क्रिया कर्म ‘मेंज ’ के लिंग, वचन और पुरुष के अनुसार है। तीसरे वाक्य में, क्रिया भाव ‘बनाए जाने ’ के अनुसार पुलिंग, एकवचन और अन्य पुरुष में हैं। इस प्रकार क्रिया में कर्ता , कर्म और भाव की प्रधानता के अनुसार परिवर्तन होते हैं। क्रिया के इस प्रयोग को ही वाच्य कहते हैं। यहां पर तीन उदाहरण के माध्यम से बताया गया है कि एक ही शब्द को तीन प्रकार के ढंग बोला गया है।

                      वाच्य के भेद

वाच्य के निम्नलिखित रुप से तीन भेद हैं– 

१. कर्तृवाच्य

२. कर्मवाच्य

३. भाववाच्य 

१. कर्तृवाच्य– कर्तृवाच्य के भेद में क्रिया के जिस रूप में कर्ता की प्रधानता ज्ञात हो, अर्थात कर्ता स्वयं कार्य करे, उसे कर्तृवाच्य कहते हैं। जैसे:– 

१. सीता पढ़ती है।– इसमें सीता कर्तृवाच्य है।

२. बुढ़िया भीख मांगती है।– इसमें बुढ़िया स्वयं कार्य कर रही है।

३. रामनाथ मंदिर जाता है।– इसमें रामनाथ स्वयं मंदिर जा रहा है अर्थात रामनाथ इसमें कर्तृवाच्य है।

४. राम पढ़ता है।– इसमें राम कर्तृवाच्य है, अर्थात काम कर रहा है।

२. कर्मवाच्य–  कर्मवाच्य के भाव में क्रिया के जिस रुप से कर्म की प्रधानता ज्ञात हो अर्थात क्रिया का कर्म के साथ प्रयोग हुआ हो, उसे कर्मवाच्य कहते हैं। जैसे:– 

१. सुदामा के द्वारा लकड़ी तोड़ी जाती है।– के द्वारा लकड़ी यह इसमें कर्मवाच्य है।

२. गणेश के द्वारा पोथी लिखी जाती है।– के द्वारा पोथी यह कर्मवाच्य है।

३. गिरिधर के द्वारा दवा खाई गई।– के द्वारा दवाई, किसी के द्वारा काम किया जा रहा है।

४. मोहन के द्वारा बांस का टुकड़ा तोड़ा गया।– के द्वारा बांस इसमें भी मोहन के द्वारा बांस के टुकड़े को तोड़ा जा रहा है।

३. भाववाच्य– भाववाच्य के भेद में क्रिया के जिस रूप से भाव की प्रधानता ज्ञात हो अर्थात क्रिया का भाव रूप में प्रयोग हुआ हो, उसे भाववाच्य कहते हैं।

जैसे:–  १. राम से खाया नहीं जाता था।– खाया नहीं जाता था, यह  भाववाच्य है।

२. अब अंजलि से पढ़ा जाएगा।– पढ़ा जाएगा, इसमें अंजली का भाव प्रकट हो रहा है।

३. मुझसे चला नहीं जाता।– चला नहीं जाता, यह भाववाच्य है।

४. मुझसे रोया नहीं जाता।–रोया नहीं जाता, इस वाक्य में यह भाववाच्य है।

                    वाच्य परिवर्तन

वाच्य परिवर्तन में किसी वाक्य को किसमें बदलना है, यह वाक्य में बताया जाता है। अगर वाक्य को कर्मवाच्य में बदलना है तो उसे कर्मवाच्य में बदलेंगे। अगर कर्तृवाच्य में बदलना है तो उसे कर्तृवाच्य में ही बदलेंगे।

जैसे:– उदाहरण के लिए;

१. रेणुका ने साड़ी खरीदी। (कर्मवाच्य में बदलिए )

उत्तर– रेणुका द्वारा साड़ी खरीदी गई।

२. अपाहिज व्यक्ति नहीं चल सकता। ( भाववाच्य में बदलिए )

उत्तर– अपाहिज व्यक्ति से चला नहीं जाता।

३. अवनी चाय बना रही है। (कर्मवाच्य में बदलिए )

उत्तर – अवनी द्वारा चाय बनाई जा रही है।

४. मां के द्वारा बचपन में ही घोषित कर दिया गया था। (कर्तृवाच्य में बदलिए)

उत्तर– मां ने बचपन में ही घोषित कर दिया था।

५. बीमारी के कारण वह यहां न आ सका। (भाववाच्य में बदलिए)

उत्तर– बीमारी के कारण उससे वहां नहीं आया जा सका।

६. छात्रों ने विद्यालय में पौधे लगाए। (कर्मवाच्य में बदलिए)

उत्तर– छात्रों द्वारा विद्यालय में पौधे लगाए गए।

७. चलो, घूमने चलते हैं। (भाववाच्य में बदलिए)

उत्तर– चलो, घूमने चला जाए।

८. शाहजहां द्वारा ताजमहल बनवाया गया। (कर्तृवाच्य में बदलिए)

उत्तर– शाहजहां ने ताजमहल बनवाया।

९. मैं इस धूप में चल नहीं सकता। (भाववाच्य में बदलिए)

उत्तर– मुझसे इस धूप में चला नहीं जाता।

१०. प्राचार्य ने छात्रों को पुरस्कार दिए। (कर्मवाच्य में बदलिए)

उत्तर– प्राचार्य द्वारा छात्रों को पुरस्कार दिए गए।

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