कक्षा 6 विज्ञान, अध्याय 7 – ताप एवं उसका मापन अतिरिक्त  प्रश्नोत्तर New Updated NCERT Syllabus

Class 6 Science Chapter – 7 Taap evam uska Mapan Extra Questions and Answers New Updated NCERT Syllabus

प्रश्न 1: ताप किसे कहते हैं?

उत्तरः किसी वस्तु की गरमाहट (या ठंडक) का विश्वसनीय माप उस वस्तु का ताप कहलाता है।

किसी गर्म वस्तु का ताप ठंडी वस्तु के तापसे अधिक होता है। दो वस्तुओं के तापांतर से पता चलता है कि एक वस्तु दूसरी वस्तु की तुलना में कितनी गर्म है।

प्रश्न 2: शरीर का ताप मापने के लिए किस तापमापी का उपयोग किया जाता है?

उत्तरः2) 1. शरीर का ताप मापने के लिए डॉक्टरी थर्मामीटर (Clinical Thermometer) का उपयोग किया जाता है।

2. इसे अंकीय डॉक्टरी थर्मामीटर या डिजिटल थर्मामीटर भी कहते हैं।

3. यह बैटरी से चलता है और शरीर के संपर्क में रखने पर ताप को अंकीय रूप (डिजिटल डिस्प्ले) में दिखाता है।

4. इस तापमापी की मापन-सीमा सामान्यतः 35 °C से 42 °C तक होती है।

प्रश्न 3: स्वस्थ मनुष्य के शरीर का सामान्य ताप कितना होता है?

उत्तरः3) 1. स्वस्थ मनुष्य के शरीर का सामान्य ताप 37.0 °C माना जाता है।

2. इसी ताप को फारेनहाइट स्केल पर 98.6 °F के रूप में दर्शाया जाता है।

3. ध्यान रहे, हर व्यक्ति का ताप बिल्कुल 37.0 °C हो यह ज़रूरी नहीं है; यह औसत ताप है जो उम्र, दिन के समय और गतिविधि के स्तर के अनुसार थोड़ा बदल सकता है।

प्रश्न 4: ताप का SI मात्रक क्या है? सेल्सियस ताप को केल्विन में कैसे बदलते हैं?

उत्तरः4) 1. ताप का SI मात्रक केल्विन (K) है।

2. सेल्सियस से केल्विन में बदलने का सूत्रः केल्विन में तापमान = सेल्सियस में तापमान + 273.15

3. उदाहरण: यदि ताप 30 °C है, तो केल्विन में + 273.15 303.15 K होगा।

4. ध्यान दें: केल्विन के साथ डिग्री (०) का चिह्न नहीं लिखा जाता।

प्रश्न 5: प्रयोगशाला तापमापी का ताप-परिसर क्या होता है? अल्पतम माप मान कैसे ज्ञात करते हैं?

उत्तरः5) सामान्य प्रयोगशाला तापमापी का ताप-परिसर -10 °C से 110 °C तक होता है।

अल्पतम माप मान (Least Count) ज्ञात करने की विधिः 

1. दो बड़े चिह्नों के बीच तापांतर ज्ञात करो।

2. बड़े चिह्नों के बीच छोटे भागों की संख्या गिनो।

3. एक छोटे भाग का मान तापांतर भागों की संख्या

उदाहरण: 0 °C और 10 °C के बीच 10 भाग हों, तो एक भाग का मान 10°C 10 1 °C

प्रश्न 6: पारा (मर्करी) थर्मामीटर के स्थान पर डिजिटल थर्मामीटर क्यों उपयोग होने लगे हैं?

उत्तरः6) 1. पारा एक अत्यधिक विषैला (toxic) पदार्थ है।

2. यदि पारा वाला थर्मामीटर टूट जाए, तो पारे का सुरक्षित निपटान बहुत कठिन होता है।

3. डिजिटल थर्मामीटर में ऐसा कोई खतरा नहीं होता।

4. डिजिटल थर्मामीटर में ताप आसानी से अंकों में पढ़ा जा सकता है।

5. इसी कारण पारा वाले थर्मामीटरों की जगह डिजिटल थर्मामीटर लिए जा रहे हैं।

प्रश्न 7: क्या डॉक्टरी थर्मामीटर से उबलते जल या बर्फ का ताप मापा जा सकता है? क्यों?

उत्तरः7) नहीं, डॉक्टरी थर्मामीटर से उबलते जल या बर्फ ताप नहीं मापा जा सकता।

कारणः डॉक्टरी थर्मामीटर की मापन-सीमा बहुत सीमित होती है (लगभग 35 °C से 42 °C तक)।

उबलते जल का ताप (लगभग 100 °C) और बर्फ का ताप (0 °C या उससे कम) इस सीमा के बाहर होते हैं।

इसलिए इन्हें मापने के लिए प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करना चाहिए।

प्रश्न 8: प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते समय कौन-कौन सी सावधानियाँ बरतनी चाहिए? (कोई तीन)

उत्तरः8) प्रयोगशाला तापमापी का उपयोग करते समय निम्नलिखित सावधानियाँ बरतनी चाहिए:

1. सावधानी से उपयोग करें यदि यह किसी कठोर वस्तु से टकरा जाए तो टूट सकता है।

2. इसे बल्ब से पकड़कर न उठाएँ।

3. तापमापी का बल्ब बीकर की तली या दीवारा को स्पर्श नहीं करना चाहिए।

4. तापमापी को उर्वाधर (सीधा) रखना चाहिए, तिरछा नहीं।

5. ताप तभी पढ़ें जब बल्ब पूरी तरह जल में डूबा हो; निकालने पर पारा/टव स्तंभ गिरने लगता है।

6. पढ़ते समय आँख द्रव स्तंभ के स्तर की सीध में होनी चाहिए।

प्रश्न 9: क्या स्पर्श करके हम किसी वस्तु के गरम या ठंडा होने का सही निर्णय कर सकते हैं? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर:9) नहीं, केवल स्पर्श की इंद्रिय (touch sensation) पर भरोसा करके हम किसी वस्तु के गरम या ठंडा होने का सही निर्णय नहीं कर सकते।

उदाहरण (क्रियाकलाप 7.1): 

1. तीन बर्तन लें – ‘क’ में गरम जल, ‘ख’ में नल का जल, ‘ग’ में बर्फ डालकर ठंडा किया जल।

2. दाहिना हाथ बर्तन ‘क’ में और बायाँ हाथ बर्तन ‘ग’ में 1-2 मिनट डुबोएँ।

3. फिर दोनों हाथ एक साथ बर्तन ‘ख’ में डुबोएँ।

4. दाहिना हाथ (जो गरम पानी से आया) ‘ख’ के जल को ठंडा महसूस करेगा, जबकि बायाँ हाथ (जो ठंडे पानी से आया) उसी जल को गरम महसूस करेगा।

5. इससे सिद्ध होता है कि स्पर्श की इंद्रिय विश्वसनीय नहीं है। ताप की सही जानकारी के लिए तापमापी का उपयोग करना चाहिए।

प्रश्न 10: अन्ना मणि कौन थीं? उन्हें किस नाम से जाना जाता है?

उत्तरः10) 1. अन्ना मणि (1918-2001) एक महान भारतीय वैज्ञानिक थीं।

2. उन्हें “भारत की मौसम विदुषी” (Weather Woman of India) के नाम से जाना जाता है।

3. उन्होंने कई मौसम-मापन उपकरणों का आविष्कार और निर्माण किया, जिससे अन्य देशों पर भारत की निर्भरता कम हुई।

4. उन्होंने भारत में पवन ऊर्जा और सौर ऊर्जा के उपयोग की संभावनाओं पर भी शोध किया।

5. इससे भारत नवीकरणीय ऊर्जा (renewable energy) के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल हो गया।

याद रखने योग्य मुख्य बिंदुः 

1. सामान्य शरीर का ताप = 37.0 °C = 98.6 °F

2. ताप की SI इकाई = केल्विन (K) – डिग्री (०) चिह्न नहीं लगता !

3. रूपांतरण सूत्रः K = °C + 273.15

4. डॉक्टरी थर्मामीटर की सीमा: 35°C – 42 °C

5. प्रयोगशाला तापमापी की सीमा: -10°C – 110 °C

6. सामान्य गलती: डॉक्टरी थर्मामीटर को उबलते जल में डालना यह उसकी मापन-सीमा के बाहर है!

7. मुख्य निष्कर्षः स्पर्श की इंद्रिय ताप की सही जानकारी नहीं दे सकती हमेशा तापमापी का उपयोग करें।

10 अतिरिक्त लघु प्रश्नोत्तर 

1. ताप – किसी वस्तु की गरमाहट/ठंडक का विश्वसनीय माप। (पृष्ठ 3)

2. शरीर का ताप – डॉक्टरी/डिजिटल थर्मामीटर से मापा जाता है। (पृष्ठ 3-4)

3. सामान्य ताप – 37.0°C या 98.6 °FI (पृष्ठ 5-6)

4. SI मात्रक – केल्विन (K); K = °C + 273.151 (पृष्ठ 6)

5. प्रयोगशाला तापमापी – परिसर -10 °C से तापांतर भागों की 110 °C; अल्पतम मान संख्या। (पृष्ठ 8-9) 

6. डिजिटल थर्मामीटर पारा विषैला है, इसलिए डिजिटल सुरक्षित और सुविधाजनक है। (पृष्ठ 4)

7. उबलते जल का ताप डॉक्टरी थर्मामीटर से नहीं माप सकते (सीमा से बाहर)। (पृष्ठ 7)

8. सावधानियाँ सावधानी से उपयोग, बल्ब से न पकड़ें, बल्ब तली न छुए, आँख द्रव स्तर की सीध में। (पृष्ठ 8-10)

9. स्पर्श विश्वसनीय नहीं तीन बर्तनों वाले क्रियाकलाप से सिद्ध होता है। (पृष्ठ 2-3)

10. अन्ना मणि – भारत की मौसम विदुषी मौसम मापन उपकरणों की आविष्कारक। (पृष्ठ 12)

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