Class 9 Science Chapter – 7 karya urja evam saral machinen New Updated NCERT Solutions
अभ्यास-प्रश्न Page no: 136
प्रश्न 1. बताइए की निम्नलिखित कथन सत्य है या असत्य—
(i) कार्य तब होता है जब कोई बल लगाया जाता है भले ही वस्तु गति न करे।
उत्तर: असत्य।
व्याख्या: कार्य तब होता है जब बल लगाया जाता है और वस्तु बल की दिशा में विस्थापित होती है। यदि वस्तु गति नहीं करती है, तो कार्य शून्य होता है।
(ii) बाल्टी को ऊर्ध्वाधरतः ऊपर उठाने से बाल्टी पर धनात्मक कार्य होता है।
उत्तर: सत्य।
व्याख्या: जब बाल्टी को ऊपर उठाया जाता है, तो उस पर लगने वाला बल (गुरुत्व बल) और विस्थापन दोनों ऊपर की दिशा में होते हैं, जिससे धनात्मक कार्य होता है।
(iii) कार्य और ऊर्जा दोनों का SI मात्रक जूल (J) है।
उत्तर: सत्य।
व्याख्या: कार्य और ऊर्जा दोनों का SI मात्रक जूल (J) है, जो बल (न्यूटन) और विस्थापन (मीटर) के गुणनफल के बराबर होता है।
(iv) एक स्थिर तनी हुई रबड़ की पट्टी में गतिज ऊर्जा होती है।
उत्तर: असत्य।
व्याख्या: स्थिर तनी हुई रबड़ की पट्टी में गतिज ऊर्जा नहीं होती है, क्योंकि गतिज ऊर्जा केवल गतिशील वस्तुओं में होती है। तनी हुई रबड़ की पट्टी में संभावित ऊर्जा होती है।
(v) ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित हो सकती है।
उत्तर: सत्य।
व्याख्या: ऊर्जा विभिन्न रूपों में परिवर्तित हो सकती है, जैसे कि यांत्रिक ऊर्जा, तापीय ऊर्जा, रासायनिक ऊर्जा आदि।
प्रश्न 2. रिक्त स्थान भरिए—
(i) किया गया कार्य = ……… X……… (बल की दिशा में)
उत्तर: बल × विस्थापन
(ii) किसी वस्तु पर …………….. न्यूटन बल लगाने से वास्तु 1 m विस्थापित होती है तो एक जूल कार्य संपन्न होता है।
उत्तर: 1.
(iii) m द्रव्यमान और v वेग वाले पिंड की गतिज ऊर्जा का व्यंजक ………होगा।
उत्तर: (1/2) mv²
(iv) पृथ्वी की सतह से h ऊँचाई पर स्थित m द्रव्यमान की वस्तु की स्थितिज ऊर्जा ………. होती है।
उत्तर: mgh
(v) कार्य करने की ………… को शक्ति कहते हैं।
उत्तर: दर।
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प्रश्न 3. जब ऊपर की ओर फेकीं गई गेंद अपने उच्चतम बिंदु पर पहुंचती है तो निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?
(i) गेंद पर लगने वाला बल शून्य है।
उत्तर: सत्य नहीं। उच्चतम बिंदु पर भी गेंद पर गुरुत्वाकर्षण बल (weight) मौजूद होता है, जो गेंद को नीचे की ओर खींचता है। इसलिए, गेंद पर लगने वाला बल शून्य नहीं होता।
(ii) गेंद का त्वरण शून्य है।
उत्तर: सत्य नहीं। उच्चतम बिंदु पर गेंद का वेग शून्य हो सकता है, लेकिन इसका त्वरण (गुरुत्वाकर्षण त्वरण) शून्य नहीं होता। गुरुत्वाकर्षण बल हमेशा मौजूद रहता है और गेंद को नीचे की ओर खींचता है।
(iii) इसकी गतिज ऊर्जा शून्य है।
उत्तर: सत्य। जब गेंद अपने उच्चतम बिंदु पर पहुँचती है, तब उसकी गति शून्य होती है, जिससे उसकी गतिज ऊर्जा (kinetic energy) भी शून्य हो जाती है।
(iv) इसकी स्थितिज ऊर्जा अधिकतम है।
उत्तर: सत्य। उच्चतम बिंदु पर गेंद की स्थितिज ऊर्जा (potential energy) अधिकतम होती है, क्योंकि यह पृथ्वी की सतह से सबसे ऊँचाई पर होती है।
प्रश्न 4. निम्नलिखित में से प्रत्येक स्थिति में होने वाले ऊर्जा रूपांतरण की पहचान कीजिए।
(i) एक ट्रक का पहाड़ी पर ऊपर की ओर चढ़ना
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) से स्थैतिक ऊर्जा (Potential Energy) में परिवर्तित होती है। ट्रक जब पहाड़ी पर चढ़ता है, तो उसकी गति (गतिज ऊर्जा) कम होती है और उसकी ऊँचाई बढ़ने से स्थैतिक ऊर्जा बढ़ती है।
(ii) घड़ी की स्प्रिंग का खुलना
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: यांत्रिक ऊर्जा (Mechanical Energy) से गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) में परिवर्तित होती है। जब स्प्रिंग खुलती है, तो उसमें संचित यांत्रिक ऊर्जा गतिज ऊर्जा में बदल जाती है।
(iii) हरे पत्तों द्वारा प्रकाश संश्लेषण
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) से रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) में परिवर्तित होती है। पत्ते सूर्य के प्रकाश का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और पानी से ग्लूकोज बनाते हैं।
(iv) बाँध से बहता हुआ जल
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: स्थैतिक ऊर्जा (Potential Energy) से गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy) में परिवर्तित होती है। जब पानी बाँध से गिरता है, तो उसकी ऊँचाई कम होती है और वह गति प्राप्त करता है।
(v) माचिस की तीली का जलना
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) से ऊष्मीय ऊर्जा (Thermal Energy) और प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) में परिवर्तित होती है। जलने पर माचिस की तीली गर्म होती है और प्रकाश उत्पन्न करती है।
(vi) एक पटाखे में विस्फोट होना
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: रासायनिक ऊर्जा (Chemical Energy) से ऊष्मीय ऊर्जा (Thermal Energy) और ध्वनि ऊर्जा (Sound Energy) में परिवर्तित होती है। विस्फोट के दौरान ऊर्जा तेजी से मुक्त होती है।
(vii) माइक्रोफोन में बोलना
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: ध्वनि ऊर्जा (Sound Energy) से विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में परिवर्तित होती है। जब हम बोलते हैं, तो ध्वनि तरंगें माइक्रोफोन में विद्युत संकेतों में बदल जाती हैं।
(viii) एक दीप्त विद्युत बल्ब
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) से प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) और ऊष्मीय ऊर्जा (Thermal Energy) में परिवर्तित होती है। बल्ब में विद्युत धारा प्रवाहित होने पर प्रकाश और गर्मी उत्पन्न होती है।
(ix) सौर पैनल
उत्तर: ऊर्जा रूपांतरण: प्रकाश ऊर्जा (Light Energy) से विद्युत ऊर्जा (Electrical Energy) में परिवर्तित होती है। सौर पैनल सूर्य के प्रकाश को विद्युत ऊर्जा में बदलते हैं।
प्रश्न 5. एक विद्यार्थी को एक लिफ्ट द्वारा धीरे-धीरे भूतल से भवन के सबसे ऊपूी तल तक ले जाया जाता है, तत्पश्चात वही विद्यार्थी सीढ़ियों से चढ़कर सबसे ऊपरी तल तक पहुँचता है। यदि भवन की ऊँचाई h = 72.5 m, गुरुत्वीय त्वरण g = 10 ms-2 और विद्यार्थी का द्रव्यमान m = 50 kg है तो-
(i) यदि विद्यार्थी को लिफ्ट द्वारा सीधे सबसे ऊपरी तल तक ले जाया जाता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा में हुई वृद्धि ज्ञात कीजिए।
उत्तर: स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) की गणना:
स्थितिज ऊर्जा का सूत्र है: U=mg
जहाँ:
- U = स्थितिज ऊर्जा (Joules में)
- m = द्रव्यमान (kg में)
- g = गुरुत्वीय त्वरण (m/s² में)
- h = ऊँचाई (m में)
दी गई जानकारी:
m=50 kg
g=10m/s2
h=72.5m
गणना: U=50kg×10m/s2×72.5m=36250J
इसलिए, लिफ्ट द्वारा सीधे सबसे ऊपरी तल तक ले जाने पर विद्यार्थी की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि 36250 J होगी।
(ii) जब विद्यार्थी सीढ़ियों से चढ़कर सबसे ऊपरी तल पर पहुँचता है तो उसकी स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि ज्ञात कीजिए।
उत्तर: सीढ़ियों से चढ़ने पर भी विद्यार्थी की ऊँचाई वही h=72.5m है और द्रव्यमान तथा गुरुत्वीय त्वरण में कोई परिवर्तन नहीं होता। इसलिए, स्थितिज ऊर्जा की वृद्धि का मान भी वही होगा।
गणना: U=mgh=50kg×10m/s2×72.5m=36250J
इसलिए, सीढ़ियों से चढ़ने पर भी विद्यार्थी की स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि 36250 J होगी।
(iii) आप तय किए रास्ते पर स्थितिज ऊर्जा की निर्भरता के संबंध में क्या निष्कर्ष निकालेंगे?
उत्तर: निष्कर्ष:
1. विद्यार्थी की स्थितिज ऊर्जा की वृद्धि केवल ऊँचाई
2. h पर निर्भर करती है, न कि उस रास्ते पर जिसे वह तय करता है (लिफ्ट या सीढ़ियाँ)।
3. चाहे विद्यार्थी लिफ्ट से सीधे ऊपर जाए या सीढ़ियों से चढ़े, उसकी स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि का मान समान रहेगा, क्योंकि ऊँचाई, द्रव्यमान और गुरुत्वीय त्वरण वही रहते हैं।
4. यह दर्शाता है कि स्थितिज ऊर्जा का संबंध केवल ऊँचाई से है, और इसे प्राप्त करने के लिए अपनाए गए रास्ते का कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
