Class 7 Science Chapter 12: Prithvi, Chandrama ewam Surya Questions and Answers New Syllabus Updated NCERT Solutions 

Class 7 Science Chapter 12: पृथ्वी, चंद्रमा एवं सूर्य  प्रश्न-उत्तर New Syllabus Updated NCERT Solutions 

आइए, और अधिक सीखेें  पृष्ठ– 184186

प्रश्न: 1.  चित्र 12.17 में पृथ्वी के एक घूर्णन के दौरान उत्तरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव पर सूर्य का प्रकाश कितने-कितने घंटे रहता है?

उत्तर: जून माह में उत्तरी ध्रुव प्रत्येक दिन पूरे 24 घंटे सूर्य का प्रकाश पाता है, जबकि दिसंबर में वह पूरे 24 घंटे अंधकार में रहता है। दक्षिणी ध्रुव पर स्थिति विपरीत होती है — दिसंबर में 24 घंटे प्रकाश और जून में 24 घंटे अंधकार।

प्रश्न: 2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए — 

(i) तारे ……….. दिशा में उदित होते हैं और …………. दिशा में अस्त होते हैं।

उत्तर: (i) पूर्व , पश्चिम 

(ii) दिन और रात पृथ्वी के …………… के कारण होते हैं। 

उत्तर: (ii) घूर्णन

(iii) जब चंद्रमा हमारी दृष्टि के सामने सूर्य को पूरी तरह ढक कर लेता है तो यह ……….. सूर्य-ग्रहण कहलाती है।

उत्तर: (iii) पूर्ण

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प्रश्न: 3. बताइए, निम्नलिखित कथन सत्य है अथवा असत्य —

कथनउत्तर
(i) जब सूर्य पृथ्वी और चंद्रमा के बीच आता है तो सूर्य-ग्रहण होता है।असत्य — सूर्य-ग्रहण में चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आता है।
(ii) गुजरात में सूर्योदय झारखंड से पहले होता है।असत्य — झारखंड गुजरात के पूर्व में है; पूर्वी भाग में सूर्योदय सर्वप्रथम होता है।
(iii) चेन्नई में सबसे लंबा दिन ग्रीष्म अयनांत में होता है।सत्य — उत्तरी गोलार्ध में सबसे लंबा दिन लगभग 21 जून (उत्तर-अयनांत) को होता है।
(iv) हमें सूर्य-ग्रहण सीधा अपनी खुली आँखों से देखना चाहिए।असत्य — ऐसा करने से आँखों को क्षति या अंधेपन हो सकता है।
(v) ऋतु-परिवर्तन पृथ्वी के घूर्णन अक्ष के झुकाव तथा इसकी गोल आकृति के कारण होता है।सत्य
(vi) सूर्य के परितः पृथ्वी के परिक्रमण के कारण दिन और रात होते हैं।असत्य — दिन-रात घूर्णन के कारण होते हैं।

प्रश्न: 4. पद्मश्री ने कल रात 8:00 बजे ओरायन तारामंडल को लगभग अपने सिर के ऊपर देखा था। वह आज ओरायन तारामंडल को अपने सिर के ऊपर किस समय देखेगी?

उत्तर: पृथ्वी के परिक्रमण के कारण तारे प्रतिदिन लगभग 4 मिनट पहले प्रकट होते हैं। अतः आज वह ओरायन तारामंडल को लगभग रात 7:56 बजे के आस-पास देखेगी।

प्रश्न: 5. नंदिनी ने 21 जून को मध्य रात्रि में एक तारा-समूह को उदित होते हुए देखा। अगले वर्ष मध्यरात्रि में वह तारों के इस समूह को कब उदित होते हुए देखेगी?

उत्तर: पृथ्वी सूर्य की एक पूरी परिक्रमा लगभग एक वर्ष में पूरी करती है, इसलिए रात्रि-आकाश का दृश्य हर वर्ष उसी स्थिति पर लौट आता है। अगले वर्ष वह तारा-समूह लगभग 21 जून को ही मध्यरात्रि के आस-पास उदित दिखेगा।

प्रश्न: 6. अभय के ध्यान में यह बात आई कि जब भारत में दिन होता है तो अमेरिका में रहने वाले उसके चाचा जी उस समय सो रहे होते हैं क्योंकि वहाँ उस समय रात होती है। इस अंतर का क्या कारण है?

उत्तर: पृथ्वी एक गोला है और अपनी धुरी पर लगभग 24 घंटे में घूमती है। किसी क्षण पृथ्वी का जो भाग सूर्य के सामने होता है वहाँ दिन होता है और विपरीत भाग में अँधेरे के कारण रात। भारत और अमेरिका लगभग विपरीत पक्षों पर स्थित हैं, इसलिए जब भारत में दिन होता है तो अमेरिका में रात होती है।

प्रश्न: 7. चार मित्रों ने सूर्य-ग्रहण के अवलोकन हेतु निम्नलिखित चार ढंग अपनाए। इनमें से किसने असावधानी बरती? 

(i) रवि किशन ने सूर्य-ग्रहण देखने वाले नजर के चश्मे का उपयोग किया। 

(ii) ज्योति ने सूर्य का प्रतिबिंब पर्दे पर बनाने के लिए दर्पण का उपयोग किया। 

(iii) आदित्य ने सीधे अपनी खाली आँखों से सूर्य का अवलोकन किया। 

(iv) अरूणा ने कृत्रिम नभोमंडल द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया।

उत्तर: आदित्य ने असावधानी बरती, क्योंकि सूर्य-ग्रहण के दौरान भी सूर्य का प्रकाश इतना तीव्र होता है कि खाली आँखों से देखने पर आँखों को क्षति तक अंधेपन हो सकता है। शेष तीनों विधियाँ सुरक्षित हैं (यह भी ध्यान रहे कि धूप का चश्मा या द्विनेत्री दूरबीन से भी सीधा अवलोकन नहीं करना चाहिए)।

प्रश्न: 8. चित्र 12.18 के वृत्तों में सूर्य, चंद्रमा तथा पृथ्वी में से चुनकर उपयुक्त शब्द लिखिए।

उत्तर: सूर्य-ग्रहण के आरेख में: सूर्य — चंद्रमा (बीच में) — पृथ्वी (चंद्रमा की छाया पृथ्वी पर पड़ती है)।

चंद्र-ग्रहण के आरेख में: सूर्य — पृथ्वी (बीच में) — चंद्रमा (पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है)।

प्रश्न: 9. चंद्रमा सूर्य की तुलना में बहुत छोटा है फिर भी पूर्ण सूर्य-ग्रहण के समय यह हमारी दृष्टि से सूर्य को पूरी तरह से ओझल कर देता है। ऐसा क्यों संभव होता है?

उत्तर: किसी वस्तु का आभासी आमाप उसके वास्तविक आमाप और हमसे दूरी — दोनों पर निर्भर करता है। चंद्रमा सूर्य से बहुत छोटा है, परंतु सूर्य की तुलना में हमसे बहुत निकट है। अतः पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा और सूर्य के आभासी आमाप लगभग बराबर दिखते हैं और चंद्रमा सूर्य को पूरी तरह ढक सकता है।

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प्रश्न: 10. ऑस्ट्रेलिया में भारतीय क्रिकेट टीम के मैच प्राय: दिसंबर में होते हैं। अपनी इस यात्रा के लिए उन्हें सरदी के कपड़े ले जाने चाहिए या गरमी के।

उत्तर: दिसंबर में उत्तरी गोलार्ध में शीत ऋतु होती है, परंतु दक्षिणी गोलार्ध में ऋतुएँ विपरीत होती हैं — वहाँ दिसंबर में ग्रीष्मकाल होता है। अतः टीम को गरमी के कपड़े ले जाने चाहिए।

प्रश्न: 11. जब चंद्र-ग्रहण होता है तो इसे पृथ्वी के एक बड़े भाग से देखा जा सकता है किंतु पूर्ण सूर्य-ग्रहण केवल पृथ्वी के एक छोटे भाग से ही देखा जा सकता है। आपके विचार में ऐसा क्यों होता है?

उत्तर: चंद्र-ग्रहण में पृथ्वी की छाया चंद्रमा के पूरे पटल पर पड़ती है; पृथ्वी की छाया चंद्रमा की तुलना में बहुत बड़ी होती है, इसलिए यह पृथ्वी के बड़े भाग (रात के पक्ष) से दिखाई देता है। सूर्य-ग्रहण में चंद्रमा की छाया पृथ्वी के केवल एक छोटे भाग पर गिरती है, इसलिए पूर्ण सूर्य-ग्रहण केवल उसी छोटे क्षेत्र से ही देखा जा सकता है। इसके अतिरिक्त पृथ्वी के घूर्णन तथा चंद्रमा की गति से यह छाया स्थान बदलती रहती है, इसलिए पूर्ण सूर्य-ग्रहण केवल कुछ मिनटों तक दिखता है।

प्रश्न: 12. व्याख्या कीजिए कि यदि पृथ्वी का घूर्णन अक्ष इसके परिक्रमण तल के सापेक्ष झुका हुआ न होता तो ऋतुओं पर इसका क्या प्रभाव होता?

उत्तर: ऋतु-परिवर्तन का मूल कारण अक्ष का झुकाव है — इसी से जून में उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर झुकता है (ग्रीष्म) और दिसंबर में दूर होता है (शीत)। यदि अक्ष झुका हुआ न होता, तो वर्ष भर दोनों गोलार्धों को लगभग समान मात्रा और समान तीव्रता का सूर्य-प्रकाश मिलता; दिन प्रायः 12 घंटे का रहता (विषुवत रेखा की तरह) और ऋतु-परिवर्तन होता ही नहीं — ग्रीष्म और शीत जैसा भेद नहीं पड़ता।

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