कक्षा 6 विज्ञान – अध्याय 9: दैनिक जीवन में पृथक्करण विधियाँ प्रश्न-उत्तर New Syllabus Updated NCERT Solutions

आइए, और अधिक सीखें” अभ्यास प्रश्न (पृष्ठ 172–173

प्रश्न: 1. पृथक्करण विधि के रूप में हस्त चयन का क्या प्रयोजन है?

(क) निस्यंदन

(ख) छँटाई

(ग) वाष्पन

(घ) निस्तारण

उत्तर: (ख) छँटाई — हस्त चयन में हाथ द्वारा आकार, रंग और आकृति के अंतर के आधार पर ठोस पदार्थों को छाँटा (चुना) जाता है।

प्रश्न: 2. निम्नलिखित में से किन पदार्थों का पृथक्करण मथना विधि से किया जाता है?

(क) तेल का पानी से

(ख) रेत का पानी से

(ग) मक्खन का दही से

(घ) ऑक्सीजन का वायु से

उत्तर: (ग) मक्खन का दही से — मथने (मथना) प्रक्रिया में हल्का मक्खन ऊपर तैरता है और छाछ नीचे रह जाती है।

प्रश्न: 3. निस्यंदन के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कारक प्रायः अनिवार्य होता है?

(क) उपकरण का आकार

(ख) वायु की उपस्थिति

(ग) छिद्रों का आकार

(घ) मिश्रण का तापमान

उत्तर: (ग) छिद्रों का आकार — निस्यंदक के छिद्रों का आकार यह तय करता है कि कौन-से कण छनकर जाएँगे और कौन-से अवशेष के रूप में रहेंगे।

प्रश्न: 4. कारण सहित बताएँ कि निम्नलिखित कथनों में से सत्य और असत्य कौन-कौन से हैं? असत्य कथनों को सही करके लिखें।

(क) नमक के विलयन को सूर्य के प्रकाश में अथवा धूप में रखकर नमक को इससे पृथक किया जा सकता है।

उत्तर: सत्य। धूप में जल वाष्पित हो जाता है और ठोस नमक शेष रह जाता है (जैसा समुद्री जल से नमक बनाने में होता है)।

(ख) जब एक अवयव कम मात्रा में हो तभी हस्त चयन का उपयोग होता है।

उत्तर: सत्य। पाठ के अनुसार, यदि पृथक किए जाने वाले कण कम मात्रा में हों और सहजता से उठाए जा सकते हों, तो हस्त चयन सुविधाजनक विधि है।

(ग) मुरमुरे और चावल के दानों के मिश्रण को थ्रेशिंग द्वारा पृथक कर सकते हैं।

उत्तर: असत्य। थ्रेशिंग में पौलों को पीटकर अनाज के दाने पृथक किए जाते हैं। मुरमुरे और चावल के दानों का मिश्रण हस्त चयन द्वारा पृथक किया जा सकता है।

(घ) सरसों के तेल और नींबू पानी के मिश्रण को निस्तारण द्वारा पृथक कर सकते हैं।

उत्तर: असत्य। तेल और पानी अघुलनशील द्रव हैं; इन्हें निस्तारण (डीकेंटेशन) द्वारा अलग किया जा सकता है, परंतु यहाँ “सरसों के तेल और नींबू पानी” के संदर्भ में सही विधि निस्तारण ही है — दोनों अमिश्रित परतें बनाते हैं, इसलिए कथन को सत्य माना जा सकता है। (यह प्रश्न अपने शिक्षक से अवश्य जाँचें।)

(ङ) छानने की विधि का उपयोग चावल के आटे और पानी को पृथक करने में होता है।

उत्तर: सत्य। चावल का आटा जल में अघुलनशील है, इसलिए चालनी/निस्यंदक से छानकर पृथक किया जा सकता है।

प्रश्न: 5. स्तंभ I में दिए गए प्रत्येक मिश्रण का स्तंभ II में दी गई उपयुक्त पृथक्करण विधि से मिलान करें।

स्तंभ Iस्तंभ II
(क) बेसन और काले चने का मिश्रण(i) हस्त चयन
(ख) चॉक पाउडर और पानी का मिश्रण(ii) चुंबकीय पृथक्करण
(ग) भुट्टे और आलू का मिश्रण(iii) निस्तारण
(घ) लोहे के चूरे और बुरादे का मिश्रण(iv) छानना
(ङ) तेल और पानी का मिश्रण(v) निस्यंदन

उत्तर (मिलान):

  • (क) बेसन और काले चने →  (i) हस्त चयन (आकार/रंग के अंतर पर आधारित)
  • (ख) चॉक पाउडर और पानी → (v) निस्यंदन (अघुलनशील ठोस को द्रव से अलग करना)
  • (ग) भुट्टे और आलू →  (i) हस्त चयन (आकार में बड़ा अंतर; हाथ से चुना जा सकता है)
  • (घ) लोहे के चूरे और बुरादे →  (ii) चुंबकीय पृथक्करण (लोहा चुंबकीय पदार्थ है)
  • (ङ) तेल और पानी →  (iii) निस्तारण (दो अमिश्रित परतें बनती हैं, ऊपरी परत तिरछा कर निकाली जाती है)

(नोट: स्तंभ II में “छानना” भी दिया गया है; चॉक पाउडर–पानी के लिए छानना/निस्यंदन दोनों उपयुक्त हो सकते हैं — अपनी पुस्तक के चित्र/उदाहरण के अनुसार मिलान करें।)

प्रश्न: 6. किस परिस्थिति में आप ठोस और द्रव के मिश्रण को पृथक करने में निस्यंदन के स्थान पर निस्तारण विधि का उपयोग करेंगे?

उत्तर: जब ठोस कण भारी हों और द्रव में जमा होकर (अवसादित) तल पर बैठ जाएँ, तब निस्तारण उपयोगी है। उदाहरण: चावल–दाल धोने में, या चाय बनाने के बाद बर्तन को स्थिर रखकर धीरे-धीरे चाय उड़ेलने में, जब पत्तियाँ नीचे बैठ जाती हैं। जब कण बहुत सूक्ष्म हों और जल में न बैठें, तब निस्यंदन (फिल्टर-पत्र) आवश्यक होता है।

प्रश्न: 7. नासिका में बालों की उपस्थिति को आप किस पृथक्करण प्रक्रिया से जोड़कर देखते हैं?

उत्तर: निस्यंदन (फिल्टरेशन) से। नाक के बाल निस्यंदक की तरह कार्य करते हैं — हवा के साथ आने वाले धूल कण और बड़े कण रोक लेते हैं और हवा (द्रव/वायु) छनकर अंदर जाती है।

प्रश्न: 8. कोविड-19 (कोरोना वायरस महामारी) के समय, हम सभी ने मास्क पहने थे। सामान्यतया वे किस सामग्री से बने होते हैं? आपके मुँह और नथुनों (नाक) को ढँकने में मास्क की क्या भूमिका है?

उत्तर: मास्क सामान्यतः कपड़े/कपड़े की कई परतों या विशेष रेशेदार सामग्री से बने होते हैं, जिनमें सूक्ष्म छिद्र (रंध्र) होते हैं। मास्क निस्यंदक की तरह कार्य करता है — यह साँस के साथ आने-जाने वाली बूँदों, धूल और कणों को छानकर रोकता है और मुँह व नाक को ढँककर सुरक्षा देता है।

प्रश्न: 9. आपको आलू, नमक और लकड़ी के बुरादे का मिश्रण दिया गया है। इस मिश्रण के प्रत्येक अवयव को पृथक करने के लिए चरणबद्ध प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार कीजिए।

उत्तर (संभावित चरणबद्ध रूपरेखा): 

1. हस्त चयन: आलू बड़े हैं, हाथ से चुनकर अलग करें।

2. निस्यंदन/छानना: शेष मिश्रण में जल मिलाएँ — नमक जल में घुल जाएगा; लकड़ी का बुरादा तैरेगा। बुरादे को छानकर/निकालकर अलग करें।

3. वाष्पीकरण: नमक के विलयन को गर्म करें या धूप में रखें — जल वाष्पित होकर नमक शेष रहेगा।

(संकेत के अनुसार: एक से अधिक अवयवों के मिश्रण के लिए कई विधियों का संयोजन आवश्यक होता है।)

प्रश्न: 10. अग्रलिखित ‘बुद्धिमान लीला’ शीर्षक कहानी पढ़ें। इसमें यत्र-तत्र आए दो वैकल्पिक शब्दों में से सबसे उचित विकल्प पर सही (✓) का निशान लगाएँ। अपनी पसंद से अनुच्छेद का कोई अन्य उपयुक्त शीर्षक दें।

कहानी (सही विकल्प चुनकर): लीला अपने पिता के साथ खेत में काम कर रही थी। तब उसे ध्यान आया कि वे पीने का पानी घर पर ही भूल आए हैं। इससे पहले कि उसके पिता को प्यास लगे, वह पास के तालाब से पानी लेने गई। डिब्बे में पानी लेने के बाद उसने ध्यान दिया कि पानी मटमैला है और पीने के लिए योग्य नहीं है। पानी शुद्ध करने के लिए, उसने पानी को कुछ समय के लिए रख दिया और उसके बाद मटमैले पानी को मलमल के कपड़े से निस्यंदित किया। तब लीला ने पानी को दस मिनट तक ढके बर्तन में उबाला। उबले पानी को उसने दोबारा निस्यंदित किया और उसने पानी पीने योग्य बनाया। यह पानी उसने अपने पिताजी को दिया। उन्होंने लीला को आशीर्वाद दिया और उसके इस प्रयास की सराहना की।

सही विकल्पों का चुनाव:

  • प्यास/भूख → प्यास
  • पानी/अनाज → पानी
  • पीने के लिए योग्य/अयोग्य → अयोग्य (मटमैला पानी पीने योग्य नहीं)
  • निस्यंदित किया/मथा → निस्यंदित किया
  • ठंडा किया/उबाला → उबाला
  • ठंडे/उबले पानी को → उबले
  • निस्यंदित किया/मथा → निस्यंदित किया
  • पीने योग्य/अयोग्य → योग्य

संभावित शीर्षक: “लीला की समझदारी”, “पानी शुद्ध करने की कला”, “समझदार बेटी”।

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