Class 6 Science Chapter – 8 Jal ki Vividhata Avasthaon ki Yatra Question and Answers New Updated Syllabus NCERT Solutions
आइए, और अधिक सीखें… page no: 154
प्रश्न: 1. निम्नलिखित में से कौन संघनन का उत्तम वर्णन करता है?
(क) जल का वाष्प के रूप में परिवर्तन।
(ख) जल का द्रव से गैसीय अवस्था में परिवर्तन का प्रक्रम।
(ग) जल की छोटी बूँदों से बादलों का बनना।
(घ) जलवाष्प का उसकी द्रव अवस्था में परिवर्तन।
उत्तर: (घ) जलवाष्प का उसकी द्रव अवस्था में परिवर्तन।
यह विकल्प संघनन की प्रक्रिया को सही तरीके से दर्शाता है, जिसमें जलवाष्प ठंडी सतह पर संघनित होकर द्रव अवस्था में बदलता है।
प्रश्न: 2. नीचे की दी गयी प्रक्रियाओं में से किस प्रक्रिया में वाष्पीकरण अति महत्वपूर्ण है–
(क) रंग भरना
(i) क्रेयॉन से (ii) पानी के रंगों से
(iii) ऐक्रेलिक रंगों (iv) पेंसिल रंगों से
उत्तर: (ii) पानी के रंगों से
वाष्पीकरण इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण है क्योंकि पानी के रंगों में पानी की मात्रा वाष्पित होती है, जिससे रंग गाढ़ा होता है और सूखने की प्रक्रिया तेज होती है।
(ख) कागज पर लिखना
(i) पेंसिल से
(ii) स्याही वाले पेन से
(iii) बॉल पॉइंट पेन से
उत्तर: (ii) स्याही वाले पेन से
प्रश्न: 3. आजकल हमें अनेक स्थानों पर हरे रंग की प्लास्टिक की घास दिखाई देती है। प्राकृतिक घास के आस-पास का स्थान प्लास्टिक की घास के आस-पास के स्थान की तुलना में अधिक ठंडा लगता है। क्या आप पता लगा सकते हैं कि ऐसा क्यों है?
उत्तर: 1. प्लास्टिक की घास: यह एक ठोस और गैर-परिवर्तनीय सामग्री है, जो सूर्य की गर्मी को अवशोषित करती है। जब यह गर्म होती है, तो यह गर्मी को छोड़ने में सक्षम नहीं होती, जिससे आस-पास का तापमान बढ़ जाता है।
2. प्राकृतिक घास: इसके विपरीत, प्राकृतिक घास में जलवाष्प के वाष्पीकरण की प्रक्रिया होती है। जब घास में उपस्थित जल वाष्पित होता है, तो यह आस-पास की गर्मी को अवशोषित करता है, जिससे वातावरण में ठंडक का अनुभव होता है।
इसलिए, प्राकृतिक घास के आस-पास का स्थान अधिक ठंडा लगता है क्योंकि यह वाष्पीकरण के माध्यम से शीतलन प्रभाव उत्पन्न करती है।
प्रश्न: 4. जल के अतिरिक्त अन्य द्रव पदार्थों के उदाहरण दीजिए जो वाष्पित होते हैं।
उत्तर: अल्कोहल: जैसे इथेनॉल, जो आसानी से वाष्पित होता है।
1. अमोनिया: यह भी एक द्रव है जो वाष्पीकरण के द्वारा तेजी से गैस में बदल जाता है।
2. तेल: जैसे कि वनस्पति तेल, जो गर्म होने पर वाष्पित होता है।
3. दूध: दूध को गर्म करने पर यह वाष्पित होता है और इसकी गंध वातावरण में फैलती है।
4. सिरका: यह भी एक द्रव है जो वाष्पीकरण के द्वारा जल्दी गैस में बदल जाता है।
इन सभी द्रवों में वाष्पीकरण की प्रक्रिया होती है, जिससे वे गैसीय अवस्था में परिवर्तित हो जाते हैं।
प्रश्न: 5. पंखे हवा को इधर-उधर घुमाते हैं जिससे ठंडक महसूस होती है। गीले कपड़ों को सुखाने के लिए पंखों का उपयोग विचित्र लग सकता सकता है क्योंकि पंखे की हवा वस्तुओं को ठंडा करती है, गरम नहीं। सामान्यतः जब जल वाष्पित होता है तो उसे ऊष्मा की आवश्यकता होती है, ठंडी वायु की नहीं। आपका इस विषय में क्या सोचना है?
उत्तर: पंखे की हवा वस्तुओं को ठंडा करने में मदद करती है, लेकिन यह गीले कपड़ों को सुखाने में भी प्रभावी होती है। जब हम पंखे का उपयोग करते हैं, तो वह हवा को तेजी से चलाता है, जिससे कपड़ों की सतह पर मौजूद जल वाष्पित होने की प्रक्रिया में तेजी आती है।
यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बिंदु हैं:
- वाष्पीकरण की प्रक्रिया: जब जल वाष्पित होता है, तो उसे ऊष्मा की आवश्यकता होती है। यह ऊष्मा कपड़ों की सतह से आती है, और पंखा हवा को गति देकर इस प्रक्रिया को तेज करता है।
- हवा का तापमान: पंखे की हवा ठंडी हो सकती है, लेकिन यह कपड़ों की सतह से गर्मी को निकालने में मदद करती है, जिससे जल जल्दी वाष्पित होता है।
- नमी का स्तर: जब हवा में नमी कम होती है, तो वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेजी से होती है। पंखा हवा को चलाकर नमी को कम करता है, जिससे कपड़े जल्दी सूखते हैं।
इस प्रकार, पंखे का उपयोग गीले कपड़ों को सुखाने के लिए एक प्रभावी तरीका है, भले ही वह ठंडी हवा प्रदान करता हो।
प्रश्न: 6. प्रायः जब नालियों से कीचड़ निकाला जाता है तो नाली के समीप में उसका ढेर बनाकर तीन से चार दिनों के लिए छोड़ दिया जाता है। इसके पश्चात इसे उद्यान या खेत में ले जाया जाता है जहाँ इसका उपयोग खाद के रूप में कर सकते हैं। यह विधि कीचड़ को दूसरे स्थान पर ले जाने की लागत कम करती है और इसके साथ ही काम करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा बढ़ाती है। इस पर विचार करें और बताएँ कि ऐसा क्यों है?
उत्तर: जब नालियों से कीचड़ निकाला जाता है और उसे एक स्थान पर ढेर करके छोड़ दिया जाता है, तो यह विधि कई लाभ प्रदान करती है:
मुख्य बिंदु:
- लागत में कमी: कीचड़ को एक स्थान पर इकट्ठा करने से परिवहन की लागत कम होती है। इसे सीधे खेतों में ले जाना अधिक महंगा हो सकता है।
- सुरक्षा: कीचड़ को ढेर में छोड़ने से काम करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा बढ़ती है। यदि कीचड़ को तुरंत स्थानांतरित नहीं किया गया, तो यह किसी भी दुर्घटना का कारण बन सकता है।
- प्राकृतिक प्रक्रिया: कीचड़ को कुछ दिनों के लिए छोड़ने से उसमें प्राकृतिक रूप से अपघटन की प्रक्रिया होती है, जिससे यह खाद के रूप में उपयोगी बन जाता है।
- पौधों के लिए लाभ: जब कीचड़ को खेतों में उपयोग किया जाता है, तो यह मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है और पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करता है।
इस प्रकार, यह विधि न केवल लागत को कम करती है, बल्कि काम करने वाले व्यक्तियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करती है और पर्यावरण के लिए लाभकारी होती है।
page no: 155
प्रश्न: 7. एक दिन के लिए अपने घर की गतिविधियों का अवलोकन करें। उन गतिविधियों की पहचान करें जिनमें वाष्पीकरण सम्मिलित है? वाष्पीकरण के प्रक्रम को समझने से हमें अपनी दैनिक गतिविधियों में कैसे सहायता मिलती है?
उत्तर: वाष्पीकरण से संबंधित गतिविधियाँ:-
- कपड़े सुखाना: जब गीले कपड़े धूप में सुखाए जाते हैं, तो जल वाष्पित होकर हवा में मिल जाता है।
- पानी उबालना: खाना पकाने के दौरान, जब हम पानी को उबालते हैं, तो वह भाप में बदल जाता है।
- पसीना आना: जब हम गर्मी में होते हैं, तो हमारे शरीर से पसीना निकलता है, जो वाष्पीकरण के माध्यम से ठंडक प्रदान करता है।
- फर्श पोंछना: जब हम फर्श को गीला करते हैं, तो कुछ समय बाद वह सूख जाता है, क्योंकि जल वाष्पित हो जाता है।
- स्नान करना: स्नान के बाद, शरीर से पानी वाष्पित होता है, जिससे ठंडक का अनुभव होता है।
दैनिक गतिविधियों में सहायता:-
- जल प्रबंधन: वाष्पीकरण के प्रक्रम को समझने से हम यह जान सकते हैं कि हमें पानी का उपयोग कैसे करना चाहिए, जैसे कपड़े सुखाने के लिए धूप का सही उपयोग।
- तापमान नियंत्रण: जब हम पसीने के माध्यम से शरीर को ठंडा करते हैं, तो यह समझना मदद करता है कि गर्मी में हमें किस प्रकार से आराम करना चाहिए।
- खाना पकाने की प्रक्रिया: खाना पकाने के दौरान वाष्पीकरण की प्रक्रिया को समझने से हमें यह पता चलता है कि किस प्रकार से खाना जल्दी पकता है और हमें इसे कैसे प्रबंधित करना चाहिए।
प्रश्न: 8. प्रकृति में जल ठोस अवस्था में किस प्रकार विद्यमान है?
उत्तर: प्रकृति में जल ठोस अवस्था में निम्नलिखित रूपों में विद्यमान है:
- बर्फ: यह जल की ठोस अवस्था है, जो ठंडे तापमान पर बनती है। बर्फ के रूप में जल पर्वतों, ग्लेशियर्स और बर्फ के टुकड़ों के रूप में पाया जाता है।
- हिम: जब जल वाष्प ठंडी हवा में संघनित होकर बर्फ के कणों में परिवर्तित होता है, तो वह हिम के रूप में गिरता है। यह विशेष रूप से सर्दियों में होता है।
- ओस: रात के समय, जब तापमान गिरता है, तो वायुमंडल में मौजूद जलवाष्प ठंडी सतहों पर संघनित होकर बर्फ की छोटी-छोटी बूँदों के रूप में दिखाई देती है, जिसे ओस कहा जाता है।
इन ठोस अवस्थाओं का जल चक्र में महत्वपूर्ण योगदान होता है, क्योंकि ये जल को पृथ्वी पर संग्रहीत करने और विभिन्न पारिस्थितिकीय प्रक्रियाओं में सहायता करती हैं।
प्रश्न: 9. ‘जल हमारे अधिकार से पहले हमारी जिम्मेदारी है” इस कथन पर विचार करें। अपने विचार साझा करें।
उत्तर: यह कथन हमें यह याद दिलाता है कि जल केवल एक संसाधन नहीं है, बल्कि यह हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा है। जल का उपयोग करते समय हमें इसकी सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेदारी समझनी चाहिए।
- जल का महत्व:
- जल जीवन के लिए आवश्यक है। यह न केवल पीने के लिए, बल्कि कृषि, उद्योग, और घरेलू उपयोग के लिए भी आवश्यक है।
- जल की कमी:
- बढ़ती जनसंख्या और जलवायु परिवर्तन के कारण जल की कमी एक गंभीर समस्या बन गई है। कई क्षेत्रों में सूखा और जल संकट देखने को मिल रहा है।
- जल का संरक्षण:
- हमें जल का विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए। जैसे कि नल को बंद करना, वर्षा के पानी को संचित करना, और जल पुनर्चक्रण के तरीकों को अपनाना।
- जिम्मेदारी:
- यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम जल का सही उपयोग करें और इसे व्यर्थ न करें। हमें जल की सुरक्षा के लिए जागरूकता फैलानी चाहिए और दूसरों को भी इसके महत्व के बारे में बताना चाहिए।
इस प्रकार, जल का संरक्षण केवल एक व्यक्तिगत जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह समाज और पर्यावरण के लिए भी आवश्यक है।
प्रश्न: 10. धूप में खड़े दुपहिया वाहन की सीट गरम हो जाती है। आप उसे ठंडा कैसे करेंगे?
उत्तर: धूप में खड़े दुपहिया वाहन की सीट गरम होने पर उसे ठंडा करने के लिए निम्नलिखित उपाय किए जा सकते हैं:
- जल का छिड़काव:
- एक हाथ में पानी लेकर सीट पर हल्का-हल्का छिड़काव करें। पानी के वाष्पित होने से सीट ठंडी हो जाएगी। यह प्रक्रिया वाष्पीकरण कहलाती है, जिसमें जल गर्मी को अवशोषित करता है और ठंडा होता है।
- गीला कपड़ा:
- एक गीले कपड़े को सीट पर रखें। गीला कपड़ा धीरे-धीरे वाष्पित होगा और सीट को ठंडा करेगा।
- पंखा या एयर कंडीशनर:
- यदि संभव हो, तो पंखा या एयर कंडीशनर का उपयोग करें। पंखे की हवा सीट पर ठंडी हवा पहुंचाएगी, जिससे गर्मी कम होगी।
- छाया में रखना:
- यदि वाहन को धूप से दूर छाया में रखा जाए, तो सीट जल्दी ठंडी हो जाएगी।
इन उपायों से आप दुपहिया वाहन की सीट को ठंडा कर सकते हैं और आराम से यात्रा कर सकते हैं।