Class 6 Science Chapter -5 लम्बाई एवं गति का मापन प्रश्न-उत्तर New Updated NCERT Syllabus
आइए, और अधिक सीखें page no 94
प्रश्न 1. तालिका 5.5 के स्तंभ- । में दी गई लंबाइयों का उनके मापन के लिए स्तंभ -।। में दिए गए मात्रकों में से उपयुक्त मात्रक से मिलान कीजिए।
उत्तर: तालिका 5.5 में दी गई लंबाइयों को उनके मापन के लिए उपयुक्त मात्रकों के साथ मिलाने का कार्य इस प्रकार किया जा सकता है:
| स्तंभ I | स्तंभ II |
| दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी | किलोमीटर |
| सिक्के की मोटाई | मिलीमीटर |
| रबड़ (इरेज़र) की लंबाई | सेंटीमीटर |
| विद्यालय के मैदान की लंबाई | मीटर |
विवरण:
- दिल्ली एवं लखनऊ के बीच की दूरी: इसे मापने के लिए किलोमीटर उपयुक्त है क्योंकि यह एक लंबी दूरी है।
- सिक्के की मोटाई: यह बहुत छोटी लंबाई है, इसलिए इसे मिलीमीटर में मापना उचित है।
- रबड़ (इरेज़र) की लंबाई: इसे सेंटीमीटर में मापना सही रहेगा क्योंकि यह एक मध्यम लंबाई है।
- विद्यालय के मैदान की लंबाई: इसे मीटर में मापना उपयुक्त है क्योंकि यह एक बड़ी लंबाई है।
प्रश्न 2. निम्नलिखित कथनों को पढ़िए एवं सत्य कथन के सामने ‘सत्य’ एवं असत्य कथन के सामने। ‘असत्य’ लिखिए।
(क) एक सीधी सड़क पर चलती कार की गति सरल रेखीय गति का उदाहरण है।
उत्तर: सत्य
व्याख्या: जब कार सीधी सड़क पर चलती है, तो उसकी गति सरल रेखीय गति कहलाती है क्योंकि वह एक सीधी रेखा में चल रही होती है।
(ख) कोई वस्तु यदि समय के साथ किसी संदर्भ बिंदु के सापेक्ष अपनी स्थिति में परिवर्तन करती है तो वह गति में है।
उत्तर: सत्य
व्याख्या: यदि किसी वस्तु की स्थिति समय के साथ बदलती है, तो वह गतिशील होती है और गति में है।
(ग) 1 km 100 cm
उत्तर: असत्य
व्याख्या: 1 किलोमीटर (km) = 1000 मीटर (m) होता है और 1 मीटर = 100 सेंटीमीटर (cm) होता है। इसलिए, 1 किलोमीटर = 100,000 सेंटीमीटर (cm) होता है।
प्रश्न 3. निम्न में से कौन-सा लंबाई मापने का मानक मात्रक नहीं है?
(क) मिलीमीटर
(ख) सेंटीमीटर
(ग) किलोमीटर
(घ) बालिश्त
उत्तर: (घ) बालिश्त
व्याख्या:
(क) मिलीमीटर: यह एक मानक मात्रक है, जो लंबाई मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
(ख) सेंटीमीटर: यह भी एक मानक मात्रक है, जो लंबाई मापने के लिए प्रयोग होता है।
(ग) किलोमीटर: यह लंबाई का एक मानक मात्रक है, जो बड़ी दूरी मापने के लिए उपयोग किया जाता है।
(घ) बालिश्त: यह एक पारंपरिक माप है और इसे मानक मात्रक के रूप में नहीं माना जाता है। यह विभिन्न व्यक्तियों के लिए भिन्न हो सकता है और इसलिए इसे मानक मात्रक के रूप में स्वीकार नहीं किया जाता।
प्रश्न 4. अपने घर एवं विद्यालय में उपलब्ध विभिन्न पैमाने अथवा मापन फीते लीजिए। इन सभी पैमानों में से प्रत्येक द्वारा मापे जा सकने वाले लघुतम मान को ज्ञात कीजिए। अपने प्रेक्षणों को तालिका में लिखिए।
उत्तर:
| पैमाना/मापन फीता | लघुतम मान (Minimum Value) |
| मीटर पैमाना | 1 सेंटीमीटर (cm) |
| लचीला मापन फीता | 1 मिलीमीटर (mm) |
| 15 सेमी पैमाना | 1 सेंटीमीटर (cm) |
| धातु का मापक | 1 मिलीमीटर (mm) |
विवरण:
1. मीटर पैमाना: यह आमतौर पर 1 सेंटीमीटर के विभाजन में मापा जाता है, इसलिए इसका लघुतम मान 1 सेंटीमीटर है।
2. लचीला मापन फीता: यह अधिकतर 1 मिलीमीटर के विभाजन में मापा जाता है, इसलिए इसका लघुतम मान 1 मिलीमीटर है।
3. 15 सेमी पैमाना: यह भी 1 सेंटीमीटर के विभाजन में मापा जाता है, इसलिए इसका लघुतम मान 1 सेंटीमीटर है।
4. धातु का मापक: यह भी 1 मिलीमीटर के विभाजन में मापा जाता है, इसलिए इसका लघुतम मान 1 मिलीमीटर है।
प्रश्न: 5. मान लीजिए आपके विद्यालय एवं घर के बीच की दूरी 1.5 km है। इसे मीटर में व्यक्त कीजिए।
उत्तर: 1 किलोमीटर (km) = 1000 मीटर (m) के अनुसार, यदि आपके विद्यालय और घर के बीच की दूरी 1.5 किलोमीटर है, तो इसे मीटर में व्यक्त करने के लिए हम निम्नलिखित गणना करेंगे:
1.5 km=1.5×1000 m=1500 m
इसलिए, आपके विद्यालय और घर के बीच की दूरी 1500 मीटर है।
प्रश्न: 6. एक गिलास या बोतल लीजिए। गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई मापिए और लिखिए।
उत्तर: गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग की लंबाई मापने के लिए आप निम्नलिखित विधि का पालन कर सकते हैं:
1. सामग्री एकत्रित करें:
- एक लचीला मापन फीता या धागा।
- एक मीटर पैमाना या रूलर।
2. मापन प्रक्रिया:
- गिलास या बोतल को एक स्थिर सतह पर रखें।
- लचीले मापन फीते या धागे को गिलास या बोतल के तल के वक्र भाग के चारों ओर लपेटें।
- सुनिश्चित करें कि फीता या धागा पूरी तरह से वक्रता के साथ संरेखित हो।
- जहाँ फीता या धागा एक-दूसरे को छूता है, वहाँ एक निशान लगाएँ।
3. लंबाई मापें:
- फीता या धागा को सीधा करें और इसे मीटर पैमाने पर रखें।
- मापन के परिणाम को नोट करें।
4. परिणाम:
- उदाहरण के लिए, यदि मापन के दौरान गिलास के तल का वक्र भाग 25 सेंटीमीटर (cm) है, तो आप लिख सकते हैं:
- “गिलास के तल के वक्र भाग की लंबाई 25 सेंटीमीटर है।”
नोट:
मापन करते समय ध्यान रखें कि वक्रता के कारण माप में थोड़ी भिन्नता हो सकती है। इसलिए, एक ही वस्तु के लिए विभिन्न माप करने पर परिणामों की तुलना करें।
प्रश्न: 7. अपने दोस्त की लंबाई मापिए और उसे मीटर, सेंटीमीटर एवं मिलीमीटर में व्यक्त कीजिए।
उत्तर: अपने दोस्त की लंबाई मापने के लिए निम्नलिखित विधि का पालन करें:
1. सामग्री एकत्रित करें:
- एक मीटर पैमाना या मापन फीता।
2. मापन प्रक्रिया:
- अपने दोस्त को सीधे खड़े होने के लिए कहें।
- मीटर पैमाने को उनके पैरों के तल से लेकर सिर के शीर्ष तक सीधा रखें।
- ध्यान दें कि पैमाना पूरी तरह से सीधा हो और किसी भी प्रकार से झुका न हो।
3. लंबाई मापें:
- मीटर पैमाने पर दोस्त की लंबाई को पढ़ें और नोट करें। उदाहरण के लिए, यदि माप 1.65 मीटर है, तो इसे अन्य मात्रकों में परिवर्तित करें:
- मीटर (m): 1.65 m
- सेंटीमीटर (cm): 1.65 m = 165 cm (क्योंकि 1 m = 100 cm)
- मिलीमीटर (mm): 1.65 m = 1650 mm (क्योंकि 1 m = 1000 mm)
4. परिणाम:
- “मेरे दोस्त की लंबाई 1.65 मीटर, 165 सेंटीमीटर, और 1650 मिलीमीटर है।”
नोट:
- मापन करते समय सुनिश्चित करें कि दोस्त खड़े होने की सही स्थिति में हैं और पैमाना सही तरीके से रखा गया है। इससे माप सटीकता सुनिश्चित होगी।
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प्रश्न: 8. आपको एक सिक्का दिया गया है। अनुमान लगाइए कि किसी पुस्तिका के एक ओर के पूरे किनारे पर कोई रिक्त स्थान छोड़े बिना एक के बाद एक रखने पर कितने सिक्कों की आवश्यकता होगी? पुस्तिका के उसी किनारे और सिक्के को 15 cm के पैमाने पर मापकर अपने अनुमान का सत्यापन भी कीजिए।
उत्तर: अनुमान लगाने की प्रक्रिया:
1. सिक्के का व्यास मापें: सबसे पहले, आपको सिक्के का व्यास मापना होगा। मान लीजिए कि सिक्के का व्यास लगभग 2.5 सेंटीमीटर है।
2. पुस्तिका के किनारे की लंबाई मापें: अब, पुस्तिका के एक किनारे की लंबाई मापें। मान लीजिए कि पुस्तिका के किनारे की लंबाई 15 सेंटीमीटर है।
3. सिक्कों की संख्या का अनुमान: अब, आप यह अनुमान लगा सकते हैं कि कितने सिक्के एक साथ रखे जा सकते हैं। इसके लिए, आप पुस्तिका के किनारे की लंबाई को सिक्के के व्यास से विभाजित करें:
सिखों की संख्या = पुस्तिका की लंबाई, सिक्के का व्यास = 15 सेंटीमीटर, 2.5 सेंटीमीटर = 6

इस प्रकार, अनुमान है कि 6 सिक्के रखे जा सकते हैं।
सत्यापन की प्रक्रिया:
1. सिक्कों को व्यवस्थित करें: अब, 6 सिक्कों को लें और उन्हें पुस्तिका के किनारे पर एक के बाद एक रखें।
2. पुस्तिका के किनारे पर मापें: सुनिश्चित करें कि सभी सिक्के बिना किसी रिक्त स्थान के रखे गए हैं।
3. परिणाम का मूल्यांकन करें: यदि सभी 6 सिक्के ठीक से फिट होते हैं और किनारे की लंबाई को पूरा करते हैं, तो आपका अनुमान सही है। यदि सिक्कों की संख्या कम या अधिक है, तो आप यह देख सकते हैं कि क्या सिक्के का व्यास या पुस्तिका के किनारे की लंबाई में कोई त्रुटि थी।
प्रश्न: 9. सरल रेखीय, वृत्तीय एवं दोलन-गति के दो-दो उदाहरण दीजिए।
उत्तर: सरल रेखीय गति (Linear Motion): सरल रेखीय गति तब होती है जब कोई वस्तु सीधी रेखा में चलती है। इसके उदाहरण निम्नलिखित हैं:
1. कार का चलना: जब एक कार एक सीधी सड़क पर चलती है, तो यह सरल रेखीय गति का उदाहरण है।
2. रेलवे ट्रेन: जब ट्रेन एक सीधी पटरियों पर चलती है, तब यह भी सरल रेखीय गति में होती है।
वृत्तीय गति (Circular Motion): वृत्तीय गति तब होती है जब कोई वस्तु वृत्तीय पथ पर चलती है। इसके उदाहरण हैं:
1. गेंद का घुमाना: जब आप एक गेंद को एक धागे पर घुमाते हैं, तो वह वृत्तीय गति में होती है।
2. चाँद की पृथ्वी के चारों ओर गति: चाँद जब पृथ्वी के चारों ओर घूमता है, तो यह वृत्तीय गति का उदाहरण है।
दोलन-गति (Oscillatory Motion): दोलन-गति तब होती है जब कोई वस्तु एक निश्चित स्थिति के इधर-उधर गति करती है। इसके उदाहरण हैं:
1. झूला: जब बच्चे झूले पर झूलते हैं, तो यह दोलन-गति का उदाहरण है।
2. घड़ी की pendulum: घड़ी में pendulum जब एक निश्चित बिंदु के इधर-उधर झूलता है, तो यह भी दोलन-गति है।
प्रश्न: 10. अपने चारों ओर की विभिन्न वस्तुओं पर ध्यान दीजिए। कुछ वस्तुओं की लंबाई को mm में, कुछ की cm में और कुछ की m में व्यक्त करना आसान होता है। प्रत्येक श्रेणी में 3 वस्तुओं की सूची बनाइए एवं तालिका 5.6 में लिखिए।
उत्तर: तालिका 5.6— हमारे चारों ओर की कुछ वस्तुओं का आकार
| वस्तु | लंबाई (mm) | लंबाई (cm) | लंबाई (m) |
| 1. पेंसिल | 150 mm | 15 cm | _________ |
| 2. कागज का टुकड़ा | 210 mm | 21 cm | _________ |
| 3. किताब | ___________ | 25 cm | 0.25 m |
| 4. रबर (इरेज़र) | 50 mm | 5 cm | _________ |
| 5. मोबाइल फोन | __________ | 15 cm | 0.15 m |
| 6. टेबल | __________ | __________ | 1 m |
विवरण:
1. मिलीमीटर (mm) में मापने के लिए छोटी वस्तुएँ जैसे पेंसिल और रबर उपयुक्त हैं।
2. सेंटीमीटर (cm) में मापने के लिए कागज का टुकड़ा और मोबाइल फोन जैसे वस्त्र उपयुक्त हैं।
3. मीटर (m) में मापने के लिए बड़ी वस्तुएँ जैसे टेबल और किताबें उपयुक्त हैं।
प्रश्न: 11. एक रोलर कोस्टर का ट्रैक चित्र 5.19 में दिखाए गए आकार में बनाया गया है। एक गेंद बिंदु ‘क’ से प्रारंभ होती है और बिंदु ‘च’ से निकल जाती है। रोलर कोस्टर पर गेंद की गति के प्रकार और ट्रैक के संगत भागों की पहचान कीजिए।
उत्तर: विवरण:
रोलर कोस्टर का ट्रैक एक विशेष आकार में बनाया गया है, जिसमें गेंद बिंदु ‘क’ से प्रारंभ होकर बिंदु ‘च’ तक पहुँचती है। इस प्रक्रिया में गेंद की गति के प्रकार और ट्रैक के विभिन्न भागों की पहचान करना महत्वपूर्ण है।
गति के प्रकार:
1. सरल रेखीय गति: यदि गेंद किसी सीधी रेखा में चलती है, तो इसे सरल रेखीय गति कहा जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि ट्रैक का कोई हिस्सा सीधा है, तो गेंद उस हिस्से पर सरल रेखीय गति करेगी।
2. वृत्तीय गति: यदि गेंद किसी गोलाकार पथ पर चलती है, तो इसे वृत्तीय गति कहा जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि ट्रैक का कोई हिस्सा गोलाकार है, तो गेंद उस हिस्से पर वृत्तीय गति करेगी।
3. दोलन गति: यदि गेंद किसी निश्चित बिंदु के इधर-उधर गति करती है, जैसे कि झूलने की स्थिति में, तो इसे दोलन गति कहा जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि ट्रैक में कोई ऊँचा हिस्सा है जहाँ गेंद ऊपर की ओर जाती है और फिर नीचे आती है, तो यह दोलन गति का उदाहरण हो सकता है।
ट्रैक के संगत भाग:
बिंदु ‘क’: यह वह बिंदु है जहाँ से गेंद की गति प्रारंभ होती है। यहाँ गेंद की प्रारंभिक स्थिति होती है।
ऊँचा हिस्सा: ट्रैक का वह हिस्सा जहाँ गेंद ऊपर जाती है। यह हिस्सा गेंद की गति को धीमा कर सकता है और इसे ऊपर की ओर खींचता है।
नीचा हिस्सा: ट्रैक का वह हिस्सा जहाँ गेंद नीचे आती है। यहाँ गेंद की गति तेज होती है क्योंकि गुरुत्वाकर्षण बल इसे नीचे खींचता है।
सीधा हिस्सा: ट्रैक का वह हिस्सा जो सीधा है। यहाँ गेंद सरल रेखीय गति करती है।
निष्कर्ष:
रोलर कोस्टर पर गेंद की गति विभिन्न प्रकार की होती है, जैसे सरल रेखीय, वृत्तीय, और दोलन गति। ट्रैक के विभिन्न हिस्से इन गति के प्रकारों को प्रभावित करते हैं, जिससे एक रोमांचक अनुभव उत्पन्न होता है।
इस प्रकार, आप रोलर कोस्टर के ट्रैक और गेंद की गति के प्रकारों का विश्लेषण कर सकते हैं।
प्रश्न: 12. तस्नीम स्वयं एक मीटर पैमाना बनाना चाहती है। वह उसके लिए निम्नलिखित सामग्री पर विचार करती है- प्लाईवुड, कागज, कपड़ा, लचीली रबड़, स्टील आदि। इनमें से उसे किसका उपयोग नहीं करना चाहिए और क्यों?
उत्तर: तस्नीम को मीटर पैमाना बनाने के लिए निम्नलिखित सामग्रियों में से कागज का उपयोग नहीं करना चाहिए।
कारण:
1. स्थिरता और मजबूती: कागज एक नरम और कमजोर सामग्री है, जो आसानी से मुड़ सकता है या फट सकता है। इससे माप में सटीकता नहीं रहेगी, क्योंकि कागज का आकार और लंबाई समय के साथ बदल सकती है।
2. जल प्रतिरोध: कागज पानी या नमी के संपर्क में आने पर खराब हो जाता है। यदि मीटर पैमाना गीला हो जाए, तो यह मापने में असुविधा पैदा करेगा और इसकी सटीकता भी प्रभावित होगी।
3. लंबी अवधि के उपयोग के लिए अनुपयुक्त: कागज का मीटर पैमाना लंबे समय तक नहीं टिकेगा, जिससे तस्नीम को बार-बार नया पैमाना बनाना पड़ेगा।
उपयुक्त विकल्प:
1. प्लाईवुड: यह मजबूत और टिकाऊ है, जिससे एक स्थायी मीटर पैमाना बनाया जा सकता है।
2. लचीली रबड़: यह एक अच्छा विकल्प हो सकता है, क्योंकि यह लचीला है और आसानी से मापने के लिए उपयोग किया जा सकता है।
3. स्टील: यह सबसे मजबूत विकल्प है, जो एक स्थायी और सटीक मीटर पैमाना बनाने के लिए उपयुक्त है।
प्रश्न: 13. अपने दोस्तों के साथ खेलने के लिए लंबाई के मात्रकों के रूपांतरण पर एक कार्ड का खेल (कार्ड गेम) बनाने के संबंध में विचार कीजिए। इसकी योजना बनाइए और इसे विकसित कीजिए।
उत्तर: खेल का नाम: “मापन मस्ती”
खेल की योजना:
1. उद्देश्य:
- इस खेल का उद्देश्य विद्यार्थियों को लंबाई के विभिन्न मात्रकों (जैसे मीटर, सेंटीमीटर, मिलीमीटर) के बीच रूपांतरण करने में मदद करना है।
2. सामग्री:
- कार्ड्स: प्रत्येक कार्ड पर एक लंबाई का मान और उसका मात्रक लिखा होगा। उदाहरण के लिए:
- “150 cm”
- “2 m”
- “500 mm”
- एक टेबल या फ्लैट सतह जहाँ कार्ड्स को रखा जा सके।
- एक टाइमर (यदि समय सीमा निर्धारित करनी हो)।
3. खेल की तैयारी:
- सभी कार्ड्स को अच्छे से मिलाकर एक ढेर में रखा जाएगा।
- खिलाड़ियों को बैठने के लिए एक गोलाकार या आयताकार स्थान निर्धारित किया जाएगा।
4. खेल का नियम:
- खेल की शुरुआत: सभी खिलाड़ी बारी-बारी से कार्ड उठाएंगे।
- रूपांतरण: जब कोई खिलाड़ी कार्ड उठाएगा, तो उसे उस कार्ड पर लिखे गए मान को अन्य मात्रकों में रूपांतरित करना होगा। उदाहरण के लिए, यदि कार्ड पर “150 cm” है, तो खिलाड़ी को यह बताना होगा कि यह कितने मीटर और मिलीमीटर के बराबर है (1.5 m और 1500 mm)।
- समय सीमा: प्रत्येक खिलाड़ी को कार्ड उठाने के बाद 30 सेकंड का समय दिया जाएगा। यदि वह समय में सही उत्तर देता है, तो उसे एक अंक मिलेगा।
- अंक प्राप्त करना: जो खिलाड़ी सबसे अधिक अंक प्राप्त करेगा, वह खेल का विजेता होगा।
5. विकल्प:
- खेल को और अधिक रोचक बनाने के लिए, कुछ विशेष कार्ड्स में बोनस अंक दिए जा सकते हैं, जैसे “यदि आप इस कार्ड का सही उत्तर देते हैं, तो आपको 2 अतिरिक्त अंक मिलेंगे।”
6. खेल का समापन:
- खेल के अंत में, सभी खिलाड़ियों के अंकों की गणना की जाएगी और विजेता की घोषणा की जाएगी।
निष्कर्ष:
यह खेल न केवल विद्यार्थियों को लंबाई के मात्रकों के बीच रूपांतरण करने में मदद करेगा, बल्कि उन्हें एक मजेदार और इंटरैक्टिव तरीके से सीखने का अवसर भी प्रदान करेगा। इस खेल के माध्यम से, विद्यार्थी एक-दूसरे के साथ सहयोग करेंगे और मापन के महत्व को समझेंगे।
खेल का विकास:
1. खेल को कक्षा में या दोस्तों के साथ खेला जा सकता है।
2. इसे विभिन्न स्तरों पर कठिनाई के साथ खेला जा सकता है, जैसे कि छोटे बच्चों के लिए सरल मात्रक और बड़े बच्चों के लिए जटिल मात्रक।
3. कार्ड्स को रंगीन और आकर्षक बनाकर खेल को और भी रोचक बनाया जा सकता है।
