पाठ 2 – संघवाद प्रश्न और उत्तर Class 10

NCERT Solutions for Class 10 Social Science Loktantrik Rajniti Sanghvad Questions and Answers

1. भारत के खाली राजनीतिक नक्शेपर इन राज्यों की उपस्थिति दर्शाएँ : मणिपुर, सिक्किम, छत्तीसगढ़ और गोवा।

उत्तर:

2. विश्‍व के खाली राजनीतिक मानचित्र पर भारत के अलावा संघीय शासन वाले तीन देशों कीअवस्थिति बताएँ और उनके नक्शे को रंग से भरें।

उत्तर:

3. भारत की संघीय व्यवस्था में बेल्जियम से मिलती-जुलती एक विशेषता और उससे अलग एक विशेषता को बताएँ।

उत्तर:

भारत की संघीय व्यवस्था में बेल्जियम से मिलती-जुलती और अलग विशेषताएँ:

बेल्जियम से मिलती-जुलती विशेषता:

संविधानिक अधिकारों का वितरण: भारत और बेल्जियम दोनों देशों में संघीय व्यवस्था में विभिन्न स्तरों पर सरकारों के बीच अधिकारों का स्पष्ट बंटवारा किया गया है। बेल्जियम में प्रांतीय सरकारों को संवैधानिक अधिकार दिए गए हैं, जिससे वे केंद्रीय सरकार पर निर्भर नहीं रहतीं। इसी प्रकार, भारत में भी केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अधिकारों का स्पष्ट विभाजन है, जो संविधान में निर्धारित है।

बेल्जियम से अलग विशेषता:

केंद्र सरकार की शक्ति: भारत की संघीय व्यवस्था में केंद्र सरकार की शक्ति प्रांतों की तुलना में अधिक है। भारतीय संविधान में केंद्र को कई महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकार दिए गए हैं, जैसे कि रक्षा, विदेशी मामले, और वित्तीय नीतियाँ, जबकि बेल्जियम में प्रांतों को अधिक स्वायत्तता प्राप्त है और केंद्रीय सरकार की शक्ति सीमित है।

यह अंतर भारत की विविधता और विशालता को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, ताकि केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों के बीच संतुलन बनाए रख सके।

4. शासन के संघीय और एकात्मक स्वरूपों में क्या-क्या मुख्य अंतर है? इसे उदाहरणों के माध्यम से स्पष्ट करें।

उत्तर:

संघीय और एकात्मक शासन के मुख्य अंतर:

1. सत्ता का बंटवारा

  • संघीय शासन: इसमें सत्ता का बंटवारा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच होता है। दोनों स्तरों की सरकारें अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में स्वतंत्र होती हैं। उदाहरण के लिए, भारत में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच अधिकारों का स्पष्ट विभाजन है।
  • एकात्मक शासन: इसमें सत्ता का केंद्रीकरण होता है, जहाँ केंद्रीय सरकार सभी महत्वपूर्ण निर्णय लेती है और प्रांतीय या स्थानीय सरकारें उसके अधीन होती हैं। उदाहरण के लिए, श्रीलंका में एकात्मक शासन व्यवस्था है, जहाँ सभी शक्तियाँ केंद्रीय सरकार के पास हैं।

2. संविधानिक अधिकार

  • संघीय शासन: संविधान में विभिन्न स्तरों की सरकारों के अधिकार स्पष्ट रूप से निर्धारित होते हैं। भारत का संविधान संघ सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची के माध्यम से अधिकारों का वितरण करता है।
  • एकात्मक शासन: संविधान में अधिकारों का स्पष्ट बंटवारा नहीं होता। केंद्रीय सरकार को प्रांतीय सरकारों पर अधिक नियंत्रण होता है। उदाहरण के लिए, फ्रांस में एकात्मक शासन व्यवस्था है, जहाँ स्थानीय सरकारों को केंद्रीय सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार कार्य करना होता है।

3. राजनीतिक संरचना

  • संघीय शासन: इसमें विभिन्न स्तरों की सरकारें होती हैं, जैसे कि केंद्र, राज्य, और स्थानीय सरकारें। यह संरचना विविधता और स्थानीय स्वायत्तता को बढ़ावा देती है। उदाहरण के लिए, अमेरिका में संघीय सरकार के साथ-साथ राज्य सरकारें और स्थानीय निकाय होते हैं।
  • एकात्मक शासन: इसमें केवल एक स्तर की सरकार होती है, जो सभी निर्णय लेती है। स्थानीय निकायों का अस्तित्व होता है, लेकिन उनकी शक्तियाँ सीमित होती हैं। उदाहरण के लिए, यूनाइटेड किंगडम में एकात्मक शासन है, जहाँ संसद सर्वोच्च होती है और स्थानीय सरकारें उसके अधीन होती हैं।

4. निर्णय लेने की प्रक्रिया

  • संघीय शासन: निर्णय लेने की प्रक्रिया में विभिन्न स्तरों की सरकारों के बीच सहयोग और सहमति की आवश्यकता होती है। इससे विभिन्न हितों का प्रतिनिधित्व होता है।
  • एकात्मक शासन: निर्णय लेने की प्रक्रिया केंद्रीय सरकार द्वारा नियंत्रित होती है, और स्थानीय सरकारों को निर्णय लेने में स्वतंत्रता नहीं होती।

निष्कर्ष

संघीय और एकात्मक शासन के बीच ये मुख्य अंतर उनके कार्यप्रणाली, अधिकारों के वितरण, और राजनीतिक संरचना में स्पष्ट होते हैं। संघीय शासन विविधता और स्वायत्तता को बढ़ावा देता है, जबकि एकात्मक शासन में केंद्रीकरण और नियंत्रण अधिक होता है।

5. 1992 के संविधान संशोधन के पहले और बाद के स्थानीय शासन के दो महत्वपूर्ण अंतरों को बताएँ।

उत्तर:

1992 के संविधान संशोधन के पहले और बाद के स्थानीय शासन के महत्वपूर्ण अंतरे

1. चुनावों की नियमितता

  • पहले (1992 से पहले): स्थानीय शासन संस्थाओं के चुनाव नियमित रूप से नहीं कराए जाते थे। कई राज्यों में स्थानीय निकायों के चुनाव समय-समय पर होते थे, लेकिन यह अनियमित और असंगठित था। इससे स्थानीय स्तर पर प्रतिनिधित्व की कमी होती थी।
  • बाद (1992 के बाद): संविधान में संशोधन के बाद, स्थानीय स्वशासी निकायों के चुनाव नियमित रूप से कराना अनिवार्य हो गया। यह सुनिश्चित किया गया कि सभी राज्यों में पंचायतों और नगरपालिकाओं के लिए समय पर चुनाव कराए जाएँ, जिससे स्थानीय प्रतिनिधित्व को मजबूती मिली।

2. आरक्षण की व्यवस्था

  • पहले (1992 से पहले): स्थानीय निकायों में महिलाओं, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए आरक्षण की कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं थी। इससे इन वर्गों का प्रतिनिधित्व बहुत कम था और उनकी आवाज़ को अनसुना किया जाता था।
  • बाद (1992 के बाद): संविधान संशोधन के द्वारा स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए कम से कम एक तिहाई सीटें आरक्षित की गईं। इसके अलावा, अनुसूचित जातियों और जनजातियों के लिए भी आरक्षण की व्यवस्था की गई, जिससे इन वर्गों का प्रतिनिधित्व बढ़ा और उनकी भागीदारी सुनिश्चित हुई।

निष्कर्ष

1992 के संविधान संशोधन ने स्थानीय शासन की संरचना को मजबूत किया, चुनावों की नियमितता सुनिश्चित की, और सामाजिक न्याय को बढ़ावा देने के लिए आरक्षण की व्यवस्था लागू की। इससे लोकतंत्र की जड़ों को मजबूती मिली और स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ी।

6. रिक्त स्थानों को भरें:

चूँकि अमरीका ……………..तरह का संघ है इसलिए वहाँ सभी इकाइयों को समान अधिकार है। संघीय सरकार के मुकाबले प्रांत …………… हैं। लेकिन भारत की संघीय प्रणाली …. ….. की है और यहाँ कुछ राज्यों को औरों से ज्यादा शक्तियाँ प्राप्त हैं।

उत्तर:

चूँकि अमरीका संघीय तरह का संघ है इसलिए वहाँ सभी इकाइयों को समान अधिकार है। संघीय सरकार के मुकाबले प्रांत स्वायत्त हैं। लेकिन भारत की संघीय प्रणाली केंद्रीकृत की है और यहाँ कुछ राज्यों को औरों से ज्यादा शक्तियाँ प्राप्त हैं।

7. भारत की भाषा नीति पर नीचे तीन प्रतिक्रियाएँ दी गई हैं। इनमें से आप जिसे ठीक समझते हैं उसके पक्ष में तर्क और उदाहरण दें।

संगीता : प्रमुख भाषाओं को समाहित करने की नीति ने राष्ट्रीय एकता को मज़बूत किया है। 

अरमान : भाषा के आधार पर राज्यों के गठन ने हमें बाँट दिया है। हम इसी कारण अपनी भाषा के प्रति सचेत हो गए हैं। 

हरीश : इस नीति ने अन्य भाषाओं के ऊपर अँगरेजी के प्रभुत्व को मजबूत करने भर का काम किया है। 

उत्तर:

भारत की भाषा नीति पर प्रतिक्रियाएँ:

संगीता: प्रमुख भाषाओं को समाहित करने की नीति ने राष्ट्रीय एकता को मज़बूत किया है।

तर्क और उदाहरण: संगीता का यह तर्क सही है क्योंकि भारत की भाषा नीति ने विभिन्न भाषाई समूहों को एक साथ लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब राज्यों का गठन भाषा के आधार पर किया गया, तो इससे उन भाषाई समुदायों को अपने अधिकार और पहचान मिली, जो पहले हाशिए पर थे। उदाहरण के लिए, कन्नड़, तेलुगु, और तमिल भाषाओं के आधार पर बने राज्यों ने इन भाषाओं के बोलने वालों को एक साझा पहचान दी, जिससे राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा मिला। इसके अलावा, संविधान में 22 अनुसूचित भाषाओं को मान्यता देकर, विभिन्न भाषाई समुदायों को अपने सांस्कृतिक और भाषाई अधिकारों की सुरक्षा मिली है, जो राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करता है।

अरमान: भाषा के आधार पर राज्यों के गठन ने हमें बाँट दिया है।

तर्क: अरमान का तर्क भी महत्वपूर्ण है, लेकिन यह एकतरफा है। भाषा के आधार पर राज्यों का गठन कुछ हद तक विभाजन का कारण बन सकता है, लेकिन यह भी सच है कि इससे उन भाषाई समुदायों को स्वायत्तता और पहचान मिली है, जो पहले एकीकृत भारत में उपेक्षित थे। हालांकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि यदि भाषा के आधार पर राज्यों का गठन नहीं किया जाता, तो विभिन्न भाषाई समूहों की पहचान और संस्कृति को खतरा हो सकता था।

हरीश: इस नीति ने अन्य भाषाओं के ऊपर अंग्रेजी के प्रभुत्व को मजबूत करने भर का काम किया है।

तर्क: हरीश का तर्क इस बात को इंगित करता है कि अंग्रेजी भाषा का उपयोग सरकारी कामकाज और शिक्षा में बढ़ता जा रहा है, जिससे अन्य भारतीय भाषाओं की स्थिति कमजोर हो रही है। यह सही है कि अंग्रेजी एक वैश्विक भाषा है और इसकी उपयोगिता ने इसे एक प्रमुख स्थान दिया है। लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि भारत की भाषा नीति ने अन्य भाषाओं को भी संरक्षण दिया है और अंग्रेजी के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए स्थानीय भाषाओं को बढ़ावा देने का प्रयास किया है।

निष्कर्ष

इन तीनों प्रतिक्रियाओं में विभिन्न दृष्टिकोण हैं। संगीता का तर्क राष्ट्रीय एकता की दिशा में सकारात्मक पहलू को दर्शाता है, जबकि अरमान और हरीश के तर्क भाषा के आधार पर विभाजन और अंग्रेजी के प्रभुत्व की चुनौतियों को उजागर करते हैं। यह महत्वपूर्ण है कि हम एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाएँ, जिसमें सभी भाषाओं का सम्मान किया जाए और उनकी पहचान को सुरक्षित रखा जाए।

8. संघीय सरकार की एक विशिष्टता है: 

(क) राष्ट्रीय सरकार अपने कुछ अधिकार प्रांतीय सरकारों को देती है। 

(ख) अधिकार विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच बँट जाते हैं। 

(ग) निर्वाचित पदाधिकारी ही सरकार में सर्वोच्च ताकत का उपयोग करते हैं। 

(घ) सरकार की शक्ति शासन के विभिन्न स्तरों के बीच बँट जाती है।

उत्तर: संघीय सरकार की एक विशिष्टता है:

(घ) सरकार की शक्ति शासन के विभिन्न स्तरों के बीच बँट जाती है।

व्याख्या:

संघीय प्रणाली में, शक्ति का वितरण विभिन्न स्तरों पर होता है, जैसे कि केंद्रीय सरकार, राज्य सरकारें, और स्थानीय निकाय। यह बंटवारा सुनिश्चित करता है कि प्रत्येक स्तर की सरकार को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में काम करने की स्वतंत्रता हो। इस प्रकार, संघीय प्रणाली में विभिन्न स्तरों के बीच संतुलन और सहयोग की आवश्यकता होती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूती मिलती है।

अन्य विकल्पों की व्याख्या:

  • (क) राष्ट्रीय सरकार अपने कुछ अधिकार प्रांतीय सरकारों को देती है: यह सही है, लेकिन यह संघीय सरकार की विशिष्टता नहीं है, बल्कि एक सामान्य प्रक्रिया है।
  • (ख) अधिकार विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच बँट जाते हैं: यह भी सही है, लेकिन यह शक्ति के बंटवारे का एक अलग पहलू है, जो संघीयता का हिस्सा है।
  • (ग) निर्वाचित पदाधिकारी ही सरकार में सर्वोच्च ताकत का उपयोग करते हैं: यह एक सामान्य सिद्धांत है, लेकिन यह संघीय सरकार की विशिष्टता नहीं है।

इस प्रकार, (घ) विकल्प संघीय सरकार की विशिष्टता को सही ढंग से दर्शाता है।

9. भारतीय संविधान की विभिन्न सूचियों में दर्ज कुछ विषय यहाँ दिए गए हैं। इन्हें नीचे दी गई तालिका में संघीय सूची, राज्य सूची और समवर्ती सूची वाले समूहों में लिखें।

(क) रक्षा

(ख) पुलिस

(ग) कृषि

(घ) शिक्षा 

(ङ) बैंकिंग 

(च) वन 

(छ) संचार

(ज) व्यापार

(झ) विवाह

संघीय सूची
राज्य सूची
समवर्ती सूची

उत्तर

संघीय सूचीरक्षा, बैंकिंग, संचार
राज्य सूचीपुलिस, कृषि, व्यापार
समवर्ती सूचीशिक्षा, वन, विवाह

10. नीचे भारत में शासन के विभिन्न स्तरों और उनके कानून बनाने के अधिकार-क्षेत्र के जोड़े दिए गए हैं। इनमें से कौन सा जोड़ा सही मेल वाला नहीं है?

(क) राज्य सरकारराज्य सूची
(ख)केंद्र सरकारसंघीय सूची
(ग)केंद्र और राज्य सरकारसमवर्ती सूची
(घ)स्थानीय सरकारअवशिष्ट अधिकार

उत्तर

(घ)स्थानीय सरकारअवशिष्ट अधिकार

11. सूची I और सूची II में मेल हुँढे और नीचे दिए गए कोड के आधार पर सही उत्तर चुनें।

सूची Iसूची II
1. भारतीय संघ(अ) प्रधानमंत्री
2. राज्य(ब) सरपंच
3. नगर निगम(स) राज्यपाल
4, ग्राम पंचायत(द) मेयर
1234
(सा)
(रे)
(गा)
(मा)

उत्तर

1234
(गा)

12. इन बयानों पर गौर करें:
(अ) संघीय व्यवस्था में संघ और प्रांतीय सरकारों के अधिकार स्पष्ट रूप से तय होते हैं। (ब)। भारत एक संघ है क्योंकि केंद्र और राज्य सरकारों के अधिकार संविधान में स्पष्ट
रूप से दर्ज हैं और अपने-अपने विषयों पर उनका स्पष्ट अधिकार है।
(स) श्रीलंका में संघीय व्यवस्था है क्योंकि उसे प्रांतों में बाँट दिया गया है।
(द) भारत में संघीय व्यवस्था नहीं रही क्योंकि राज्यों के कुछ अधिकार स्थानीय शासन
की इकाइयों में बाँट दिए गए हैं। ऊपर दिए गए बयानों में कौन-कौन सही हैं।

(सा) अ, ब और स
(रे) अ, स और द
(गा) अ और ब
(मा) ब और स

उत्तर

(गा) अ और ब

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