NCERT Solutions for Class 11 Hindi Antra Chapter 1 Idgah Questions and Answers
The NCERT Solutions for Class 11 Hindi Antra Chapter 1 Idgah (ईदगाह) provides comprehensive answers to all textbook questions from this celebrated Premchand story. Our detailed solutions help students understand: 1. Character analysis of Hamid and other characters 2. Detailed explanation of important scenes and dialogues 3. Themes of poverty, childhood innocence, and festival celebrations 4. Social messages conveyed through the story 5. Exam-oriented question-answer format This chapter holds significant weightage in Class 11 Hindi exams. Our solutions include: - Line-by-line explanations of important passages - Contextual understanding of rural Indian setting - Comparative analysis with other Premchand stories - Vocabulary and grammar explanations - Previous year question patterns For complete preparation, students should practice all questions along with these solutions. The story's emotional depth and social commentary make it essential for scoring well in Hindi literature papers.
प्रश्न-अभ्यास
प्रश्न 1. ‘ईदगाह’ कहानी के उन प्रसंगों का उल्लेख कीजिए जिनसे ईद के अवसर पर ग्रामीण परिवेश का उल्लास प्रकट होता है।
उत्तर : ईदगाह कहानी में ग्रामीण परिवेश का उल्लास
‘ईदगाह’ कहानी में ग्रामीण परिवेश का उल्लास कई प्रसंगों के माध्यम से प्रकट होता है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण बिंदु दिए गए हैं:
- ईद की तैयारी: कहानी में ईद के दिन की सुबह का वर्णन है, जब गाँव के लोग एकत्र होते हैं। बच्चे नए कपड़े पहनते हैं और मिठाइयाँ खरीदने के लिए उत्साहित होते हैं। यह दृश्य गाँव के उल्लास को दर्शाता है।
- मेला और बाजार: ईद के अवसर पर गाँव में मेला लगता है, जहाँ लोग एक-दूसरे से मिलते हैं और खुशियाँ बाँटते हैं। बाजार में चहल-पहल होती है, जहाँ लोग खरीदारी करते हैं। यह ग्रामीण जीवन की जीवंतता को दर्शाता है।
- सामुदायिक उत्सव: गाँव के लोग एक साथ नमाज अदा करने के लिए मस्जिद में जाते हैं। यह सामुदायिक भावना और एकता का प्रतीक है, जो ईद के अवसर पर और भी मजबूत होती है।
- बच्चों की खुशी: कहानी में छोटे बच्चों की खुशी और उत्साह को भी दर्शाया गया है, जब वे ईद के लिए विशेष तैयारियाँ करते हैं। उनकी मासूमियत और उल्लास पूरे गाँव में फैलता है।
- सामाजिक मेलजोल: ईद के दिन गाँव के लोग एक-दूसरे से गले मिलते हैं और शुभकामनाएँ देते हैं। यह सामाजिक मेलजोल और भाईचारे का प्रतीक है, जो ग्रामीण परिवेश की विशेषता है।
इन प्रसंगों के माध्यम से ‘ईदगाह’ कहानी में ग्रामीण परिवेश का उल्लास स्पष्ट रूप से प्रकट होता है, जो न केवल त्योहार की खुशी को दर्शाता है, बल्कि गाँव की सांस्कृतिक एकता और सामुदायिक भावना को भी उजागर करता है।
सुझाव: इस कहानी का अध्ययन करते समय, बच्चों को ईद के महत्व और त्योहारों के सामाजिक पहलुओं पर चर्चा करने के लिए प्रेरित करें। इससे उन्हें अपने सांस्कृतिक मूल्यों को समझने में मदद मिलेगी।
प्रश्न 2. ‘उसके अंदर प्रकाश है, बाहर आशा। विपत्ति अपना सारा दलबल लेकर आए, हामिद की आनंद भरी चितवन उसका विध्वंस कर देगी।’ इस कथन से लेखक का क्या आशय है?
उत्तर : इस कथन का आशय यह है कि हामिद के अंदर एक अद्भुत प्रकाश है, जो उसकी सकारात्मकता और आशा का प्रतीक है। लेखक यह बताना चाहता है कि हामिद की आत्मा में एक ऐसी शक्ति है जो विपत्तियों का सामना कर सकती है। जब भी कठिनाइयाँ आती हैं, हामिद की आनंद भरी चितवन (आँखों की चमक) उन विपत्तियों को नष्ट कर देगी।
इसका अर्थ यह है कि व्यक्ति की आंतरिक शक्ति और सकारात्मक दृष्टिकोण किसी भी कठिनाई को पार कर सकते हैं। हामिद का चरित्र इस बात का उदाहरण है कि कैसे एक व्यक्ति अपनी आशा और सकारात्मकता के बल पर विपरीत परिस्थितियों का सामना कर सकता है।
उदाहरण के लिए, जब हामिद को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, तो उसकी आशा और आंतरिक प्रकाश उसे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। यह संदेश हमें यह सिखाता है कि कठिनाइयाँ अस्थायी होती हैं, लेकिन हमारी आंतरिक शक्ति और सकारात्मकता स्थायी होती है।
इस प्रकार, लेखक यह दर्शाना चाहता है कि सच्ची खुशी और संतोष हमारे भीतर ही होते हैं, और जब हम विपत्तियों का सामना करते हैं, तो हमें अपने अंदर की शक्ति को पहचानना चाहिए।
प्रश्न 3. ‘उन्हें क्या खबर कि चौधरी आज आँखें बदल लें, तो यह सारी ईद मुहर्रम हो जाए।’ इस कथन का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : इस कथन का आशय यह है कि चौधरी की आँखों में बदलाव से उनकी सोच और दृष्टिकोण में भी बदलाव आ सकता है। यहाँ “आँखें बदल लेना” एक रूपक है, जिसका अर्थ है कि यदि चौधरी अपनी सोच में परिवर्तन करते हैं, तो उनके दृष्टिकोण से ईद का त्योहार मुहर्रम में बदल सकता है। यह वाक्य यह दर्शाता है कि किसी व्यक्ति की सोच और दृष्टिकोण का परिवर्तन उसके जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है।
उदाहरण के लिए, यदि चौधरी अपनी पुरानी सोच को छोड़कर नई सोच अपनाते हैं, तो वे अपने समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यह कथन यह भी संकेत करता है कि किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके आस-पास के लोगों पर पड़ता है और यदि वे सकारात्मक बदलाव लाते हैं, तो समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
सारांश: इस कथन का मुख्य आशय यह है कि सोच में बदलाव लाने से जीवन में बड़े बदलाव संभव हैं। चौधरी का दृष्टिकोण बदलने से न केवल उनकी जिंदगी में, बल्कि उनके समाज में भी सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है।
प्रश्न 4. ‘मानो भ्रातृत्व का एक सूत्र इन समस्त आत्माओं को एक लड़ी में पिरोए हुए है।’ इस कथन के संदर्भ में स्पष्ट कीजिए कि ‘धर्म तोड़ता नहीं जोड़ता है।’
उत्तर : ‘मानो भ्रातृत्व का एक सूत्र इन समस्त आत्माओं को एक लड़ी में पिरोए हुए है।’ इस कथन का अर्थ है कि सभी मानव आत्माएँ एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं, जैसे एक धागा विभिन्न मोतियों को जोड़ता है। यह विचार हमें यह समझाता है कि धर्म का असली उद्देश्य मानवता को एकजुट करना है, न कि विभाजित करना।
धर्म तोड़ता नहीं जोड़ता है का अर्थ है कि धर्म का वास्तविक संदेश एकता, भाईचारा और प्रेम का है। जब हम धर्म की सच्चाई को समझते हैं, तो हम देखते हैं कि यह हमें एक दूसरे के करीब लाता है। विभिन्न धर्मों में भले ही भिन्नताएँ हों, लेकिन सभी का मूल उद्देश्य मानवता की भलाई और शांति है।
उदाहरण के लिए, विभिन्न धर्मों में दया, करुणा और सेवा का महत्व बताया गया है। जब हम इन गुणों को अपनाते हैं, तो हम न केवल अपने धर्म के अनुयायी बनते हैं, बल्कि समाज में एकता और भाईचारे का निर्माण करते हैं।
इस प्रकार, ‘धर्म तोड़ता नहीं जोड़ता है’ का संदेश हमें यह सिखाता है कि हमें अपने धर्मों के बीच की भिन्नताओं को भुलाकर एकजुट होना चाहिए और मानवता के कल्याण के लिए काम करना चाहिए।
निष्कर्ष: धर्म का उद्देश्य मानवता को जोड़ना है। जब हम इस विचार को अपनाते हैं, तो हम एक बेहतर समाज की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, जहाँ सभी लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर रहते हैं और एक-दूसरे की मदद करते हैं।
प्रश्न 5. निम्नलिखित गद्यांशों की सप्रसंग व्याख्या कीजिए-
(क) कई बार यही क्रिया होती है आत्माओं को एक लड़ी में पिरोए हुए है।
(ख) बुढ़िया का क्रोध’ “स्वाद से भरा हुआ।
उत्तर : (क) इस वाक्यांश का अर्थ है कि आत्माएँ एक दूसरे से जुड़ी हुई हैं, जैसे एक धागे में मोती पिरोए जाते हैं। यह विचार हमें यह समझाता है कि आत्माएँ एक गहरी और अदृश्य संबंध में बंधी हुई हैं।
उदाहरण:
- जब हम किसी व्यक्ति के साथ गहरे संबंध में होते हैं, तो हम उनकी भावनाओं और विचारों को समझने में सक्षम होते हैं। यह एक प्रकार का आध्यात्मिक संबंध है, जो हमें एक-दूसरे से जोड़ता है।
- जैसे एक परिवार के सदस्य एक-दूसरे के प्रति अपने प्रेम और समर्थन के लिए जाने जाते हैं, उसी प्रकार आत्माएँ भी एक-दूसरे के प्रति अपनी ऊर्जा और भावनाओं के माध्यम से जुड़ी होती हैं।
सारांश: यह वाक्यांश यह दर्शाता है कि आत्माएँ केवल भौतिक रूप से नहीं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी एक-दूसरे से जुड़ी होती हैं। यह विचार हमें यह समझने में मदद करता है कि हमारे संबंध केवल भौतिक दुनिया तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे एक गहरी आध्यात्मिक परत में भी फैले हुए हैं।
महत्वपूर्ण सुझाव:
अपने संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए अपने प्रियजनों के साथ समय बिताएं और उनके साथ अपने अनुभव साझा करें।
इस विचार को समझने के लिए ध्यान और साधना का अभ्यास करें, जिससे आप अपनी आत्मा के साथ गहरे संबंध को महसूस कर सकें।
उत्तर : (ख) लेखक प्रेमचंद जी की कहानी “ईदगाह“ में यह अंश उस समय का है जब हामिद ईद के मेले से अपने लिए खिलौने या मिठाइयाँ न लाकर अपनी दादी अमीना के लिए चिमटा खरीदकर लाता है। जब अमीना को यह पता चलता है कि हामिद ने अपने लिए कुछ भी नहीं लिया, तो पहले उसे क्रोध आता है। पर जैसे ही वह हामिद की भावना और उसके त्याग को समझती है, उसका क्रोध स्नेह में बदल जाता है। यही स्थिति इन पंक्तियों में व्यक्त की हुई है।
व्याख्या :
इन पंक्तियों में लेखक प्रेमचंद ने दादी अमीना के हृदय में उठे भावों को अत्यंत मार्मिक रूप से दर्शाया है। पहले दादी को हामिद पर क्रोध आता है क्योंकि उसने अपने लिए कुछ नहीं खरीदा, लेकिन जब उसे यह समझ में आता है कि हामिद ने उसके हाथ जलने से बचाने के लिए चिमटा खरीदा है, तो उसका क्रोध तुरंत स्नेह में बदल जाता है।
यह स्नेह आम नहीं है, जो शब्दों में व्यक्त किया जा सके या जो दिखावे से भरा हो। यह मूक स्नेह है—जो बिना बोले, गहराई से महसूस किया जाता है। यह स्नेह बहुत ठोस, यानी वास्तविक और सच्चा है, जिसमें प्रेम की मिठास, त्याग की भावना और आत्मीयता का रस भरा हुआ है। लेखक यह बताना चाहता है कि सच्चा प्रेम शब्दों का मोहताज नहीं होता, वह भावनाओं में समाहित होता है।
प्रश्न 6. हामिद ने चिमटे की उपयोगिता को सिद्ध करते हुए क्या-क्या तर्क दिए?
उत्तर : हामिद ने चिमटे की उपयोगिता को सिद्ध करते हुए कई महत्वपूर्ण तर्क दिए। चिमटे का उपयोग मुख्यतः गर्म चीजों को उठाने और संभालने के लिए किया जाता है, जिससे हाथों को जलने से बचाया जा सके। हामिद ने चिमटे का उपयोग करते हुए यह दिखाया कि यह एक साधारण लेकिन अत्यंत उपयोगी उपकरण है, जो न केवल उसकी सुरक्षा करता है, बल्कि उसे कार्य करने में भी सहायता करता है।
उदाहरण के लिए, जब हामिद ने चिमटे का उपयोग किया, तो उसने यह बताया कि कैसे यह उसे बिना किसी खतरे के गर्म रोटी को उठाने में मदद करता है। इसके अलावा, चिमटे का उपयोग करते समय हामिद ने यह भी महसूस किया कि यह उसके लिए एक प्रकार का सहारा बन गया है, जिससे वह अपने कार्य को अधिक कुशलता से कर सकता है।
इस प्रकार, हामिद ने चिमटे की उपयोगिता को सिद्ध करते हुए यह तर्क प्रस्तुत किया कि यह न केवल एक साधारण उपकरण है, बल्कि यह दैनिक जीवन में सुरक्षा और सुविधा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रश्न 7. गाँव से शहर जानेवाले रास्ते के मध्य पड़नेवाले स्थलों का ऐसा वर्णन लेखक ने किया है मानो आँखों के सामने चित्र उपस्थित हो रहा हो। अपने घर और विद्यालय के मध्य पड़नेवाले स्थानों का अपने शब्दों में वर्णन कीजिए।
उत्तर : विवरण: घर और विद्यालय के मध्य पड़ने वाले स्थानों का वर्णन
जब मैं अपने घर से विद्यालय की ओर निकलता हूँ, तो रास्ते में कई रोचक स्थल आते हैं जो मेरे मन में चित्रित होते हैं। सबसे पहले, मेरे घर के पास एक बड़ा पार्क है। इस पार्क में हरे-भरे पेड़, रंग-बिरंगे फूल और बच्चों की खेलने की जगह है। सुबह-सुबह, जब मैं वहाँ से गुजरता हूँ, तो मुझे वहाँ के चिड़ियों की चहचहाहट सुनाई देती है। पार्क के बीचों-बीच एक सुंदर फव्वारा है, जो पानी के गिरने की आवाज़ के साथ-साथ ठंडी हवा का अहसास कराता है।
इसके बाद, मैं एक छोटी सी दुकान के पास पहुँचता हूँ जहाँ ताजे फल और सब्जियाँ बिकती हैं। वहाँ की खुशबू और रंग-बिरंगे फल मुझे हमेशा आकर्षित करते हैं। दुकानदार अक्सर मुस्कुराते हुए ग्राहकों का स्वागत करता है, जिससे वातावरण में एक सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
आगे बढ़ते हुए, एक स्कूल आता है जहाँ छोटे बच्चे खेलते हुए दिखाई देते हैं। उनकी हंसी और खेल की आवाज़ें मुझे मेरे बचपन की याद दिलाती हैं। स्कूल के पास एक पुस्तकालय भी है, जहाँ मैं अक्सर किताबें पढ़ने के लिए जाता हूँ। वहाँ की शांति और ज्ञान का माहौल मुझे बहुत भाता है।
अंत में, मैं अपने विद्यालय के गेट पर पहुँचता हूँ। विद्यालय का भवन बड़ा और भव्य है, जिसमें रंग-बिरंगे कक्षाएँ और खेल के मैदान हैं। यहाँ पहुँचते ही मुझे अपने दोस्तों और शिक्षकों की याद आती है, जो हर दिन मुझे प्रेरित करते हैं।
इस प्रकार, मेरे घर और विद्यालय के बीच का रास्ता न केवल भौतिक स्थलों से भरा है, बल्कि यह मेरे जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों और यादों से भी जुड़ा हुआ है।
इस वर्णन में, मैंने अपने घर और विद्यालय के बीच के स्थलों का चित्रण किया है, जो न केवल दृश्यात्मक हैं, बल्कि भावनात्मक भी हैं। यह यात्रा मेरे लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव है, जो मुझे हर दिन प्रेरित करता है।
प्रश्न 8. ‘बच्चे हामिद ने बूढ़े हामिद का पार्ट खेला था। बुढ़िया अमीना बालिका अमीना बन गई।’ इस कथन में ‘बूढ़े हामिद’ और ‘बालिका अमीना’ से लेखक का क्या आशय है? स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : इस कथन में ‘बूढ़े हामिद’ और ‘बालिका अमीना’ का संदर्भ उन पात्रों के माध्यम से जीवन के विभिन्न चरणों और अनुभवों को दर्शाने के लिए है।
बूढ़े हामिद: यह पात्र वृद्धावस्था का प्रतीक है, जो जीवन के अनुभवों, ज्ञान और संघर्षों को दर्शाता है। बूढ़े हामिद का चरित्र हमें यह समझाता है कि जीवन में कठिनाइयों का सामना कैसे किया जाता है और कैसे एक व्यक्ति अपने अनुभवों से दूसरों को सिखा सकता है।
बालिका अमीना: दूसरी ओर, बालिका अमीना युवा अवस्था का प्रतीक है, जो मासूमियत, सपनों और संभावनाओं का प्रतिनिधित्व करती है। उसकी भूमिका यह दर्शाती है कि युवा पीढ़ी में नई सोच और ऊर्जा होती है, जो समाज में बदलाव ला सकती है।
इस प्रकार, लेखक का आशय यह है कि जीवन के विभिन्न चरणों में, चाहे वह वृद्धावस्था हो या युवा अवस्था, हर व्यक्ति का अपना महत्व और योगदान होता है। यह कथन हमें यह भी सिखाता है कि हमें एक-दूसरे के अनुभवों और दृष्टिकोणों का सम्मान करना चाहिए, चाहे वह किसी भी उम्र का व्यक्ति हो।
उदाहरण: जैसे कि एक वृद्ध व्यक्ति अपने जीवन के अनुभवों से युवा पीढ़ी को मार्गदर्शन कर सकता है, वैसे ही युवा पीढ़ी अपने नए विचारों और दृष्टिकोणों से वृद्धों को प्रेरित कर सकती है।
निष्कर्ष: इस प्रकार, ‘बूढ़े हामिद’ और ‘बालिका अमीना’ के माध्यम से लेखक जीवन के विभिन्न चरणों की महत्ता को उजागर करते हैं और यह संदेश देते हैं कि हर उम्र का व्यक्ति समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रश्न 9. ‘दामन फैलाकर हामिद को दुआएँ देती जाती थी और आँसू की बड़ी-बड़ी बूँदें गिराती जाती थी। हामिद इसका रहस्य क्या समझता!’ लेखक के अनुसार हामिद अमीना की दुआओं और आँसुओं के रहस्य को क्यों नहीं समझ पाया? कहानी के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
उत्तर : हामिद का अमीना की दुआओं और आँसुओं का रहस्य न समझ पाना
कहानी में, हामिद एक छोटे बच्चे के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो अपनी माँ अमीना की दुआओं और आँसुओं का रहस्य नहीं समझ पाता। इसके पीछे कई कारण हैं:
- बचपन की मासूमियत: हामिद की उम्र बहुत कम है, और बच्चे अक्सर अपने आस-पास की भावनाओं और परिस्थितियों को पूरी तरह से नहीं समझ पाते। वह केवल अपनी माँ के प्यार और चिंता को महसूस करता है, लेकिन उसके आँसुओं का गहरा अर्थ उसके लिए अस्पष्ट है।
- आर्थिक कठिनाइयाँ: हामिद और उसकी माँ की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। हामिद को अपनी माँ की चिंता का कारण समझने में कठिनाई होती है, क्योंकि वह अपने छोटे से जीवन में केवल अपनी जरूरतों और इच्छाओं पर ध्यान केंद्रित करता है। उसकी माँ की दुआएँ और आँसू उसकी भलाई के लिए हैं, लेकिन हामिद केवल अपने खिलौने और खाने की चिंता करता है।
- भावनात्मक दूरी: कभी-कभी, बच्चे अपने माता-पिता की भावनाओं को समझने में असमर्थ होते हैं। हामिद अपनी माँ के आँसुओं को केवल एक भावनात्मक प्रतिक्रिया के रूप में देखता है, न कि एक गहरी चिंता या प्यार के प्रतीक के रूप में।
- संवेदनशीलता की कमी: हामिद की उम्र के कारण, वह जीवन के जटिल पहलुओं को समझने में असमर्थ है। वह केवल अपने खेल और दिनचर्या में व्यस्त रहता है, जिससे वह अपनी माँ की भावनाओं को समझने में असमर्थ होता है।
इस प्रकार, हामिद का अमीना की दुआओं और आँसुओं का रहस्य न समझ पाना उसकी मासूमियत, आर्थिक कठिनाइयों, भावनात्मक दूरी और संवेदनशीलता की कमी के कारण है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि बच्चों की भावनाएँ और उनकी समझ कितनी सीमित हो सकती हैं, और हमें उनके प्रति अधिक संवेदनशील और समझदार होना चाहिए।
उदाहरण: जैसे कि एक बच्चा जब अपनी माँ को रोते हुए देखता है, तो वह सोचता है कि शायद माँ को कुछ चाहिए या वह दुखी हैं, लेकिन वह यह नहीं समझ पाता कि माँ का रोना उसके लिए कितनी गहरी चिंता और प्यार का प्रतीक है।
प्रश्न 10. हामिद की जगह आप होते तो क्या करते?
उत्तर : अगर मैं हामिद की जगह होता, तो मैं अपने परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेता।
- सच्चाई और ईमानदारी: मैं पहले यह सुनिश्चित करता कि मैं जो भी करूँ, वह ईमानदारी से हो। अगर मुझे पैसे मिलते हैं, तो मैं उन्हें अपने परिवार की जरूरतों के लिए सही तरीके से खर्च करता।
- शिक्षा का महत्व: मैं अपनी शिक्षा को प्राथमिकता देता। अगर मुझे पैसे मिलते हैं, तो मैं उन्हें अपनी पढ़ाई में लगाता ताकि मैं भविष्य में एक सफल व्यक्ति बन सकूँ।
- परिवार की जिम्मेदारी: मैं अपने परिवार की जरूरतों का ध्यान रखता। अगर मेरे पास पैसे होते, तो मैं उन्हें अपने माता-पिता की मदद करने के लिए उपयोग करता, जैसे कि घर के खर्चों में योगदान देना या उनकी स्वास्थ्य देखभाल में मदद करना।
- सामाजिक जिम्मेदारी: मैं यह भी सोचता कि मैं अपने आसपास के लोगों की मदद कैसे कर सकता हूँ। अगर मेरे पास अतिरिक्त पैसे होते, तो मैं जरूरतमंदों की मदद करने की कोशिश करता।
- सकारात्मक सोच: मैं हमेशा सकारात्मक सोच रखता और अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ता। कठिनाइयों का सामना करते हुए, मैं कभी हार नहीं मानता।
इस तरह, मैं हामिद की जगह होता तो अपने निर्णयों में जिम्मेदारी, ईमानदारी और परिवार के प्रति प्रेम को प्राथमिकता देता।
योग्यता-विस्तार
प्रश्न 1. प्रेमचंद की कहानियों का संग्रह ‘मानसरोवर’ नाम से आठ भागों में प्रकाशित है। अपने पुस्तकालय से लेकर उसे पढ़िए।
उत्तर : प्रेमचंद की कहानियों का संग्रह ‘मानसरोवर’ भारतीय साहित्य का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह संग्रह प्रेमचंद की उत्कृष्ट कहानियों का संकलन है, जिसमें समाज के विभिन्न पहलुओं, मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक मुद्दों को दर्शाया गया है।
‘मानसरोवर’ में प्रेमचंद ने ग्रामीण जीवन, किसान की समस्याएँ, और सामाजिक असमानताओं को अपनी कहानियों के माध्यम से उजागर किया है। इस संग्रह में कुल आठ भाग हैं, और प्रत्येक भाग में प्रेमचंद की विशेष शैली और गहराई से लिखी गई कहानियाँ शामिल हैं।
उदाहरण के लिए, ‘कफन’ कहानी में प्रेमचंद ने गरीबी और मानवता के संघर्ष को बहुत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। इसी तरह, ‘बूढ़ी काकी’ कहानी में वृद्धावस्था और उसके साथ आने वाले अकेलेपन का चित्रण किया गया है।
यदि आप इस संग्रह को पढ़ना चाहते हैं, तो आप अपने स्थानीय पुस्तकालय से इसे प्राप्त कर सकते हैं या ऑनलाइन पुस्तक विक्रेताओं से खरीद सकते हैं। यह संग्रह न केवल साहित्य प्रेमियों के लिए, बल्कि उन सभी के लिए एक महत्वपूर्ण पढ़ाई है जो भारतीय समाज और उसकी जटिलताओं को समझना चाहते हैं।
महत्वपूर्ण सुझाव
- पढ़ाई का समय निर्धारित करें: ‘मानसरोवर’ को पढ़ने के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करें ताकि आप इसे ध्यान से पढ़ सकें।
- नोट्स बनाएं: पढ़ते समय महत्वपूर्ण बिंदुओं और विचारों के नोट्स बनाएं, जिससे आप कहानी के मुख्य संदेश को समझ सकें।
- चर्चा करें: अपने दोस्तों या साहित्यिक समूहों के साथ कहानियों पर चर्चा करें, जिससे आपके विचार और भी विस्तृत हो सकें।
प्रश्न 2. इस कहानी में लोक प्रचलित मुहावरों की भरमार है, जैसे नानी मरना, छक्के छूटना आदि। इसमें आए मुहावरों की एक सूची तैयार कीजिए।
उत्तर : लोक प्रचलित मुहावरे
किसी भी कहानी में मुहावरे उस भाषा की विशेषता होते हैं, जो उसे और भी जीवंत और रंगीन बनाते हैं। मुहावरे आमतौर पर किसी विशेष अर्थ को व्यक्त करने के लिए उपयोग किए जाते हैं। यहाँ कुछ सामान्य मुहावरे दिए गए हैं जो अक्सर कहानियों में पाए जाते हैं:
- नानी मरना – यह मुहावरा तब उपयोग होता है जब कोई व्यक्ति बहुत अधिक डर जाता है या किसी अप्रत्याशित घटना से घबरा जाता है।
- छक्के छूटना – इसका अर्थ है कि कोई व्यक्ति बहुत अधिक आश्चर्यचकित या प्रभावित होता है, जैसे कि कोई अप्रत्याशित सफलता या घटना।
- आसमान से गिरना – इसका उपयोग तब किया जाता है जब कोई व्यक्ति अचानक किसी कठिनाई या संकट में पड़ जाता है।
- बातों का बतंगड़ बनाना – इसका अर्थ है कि किसी साधारण बात को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करना।
- गाड़ी की गति पकड़ना – इसका अर्थ है कि किसी काम में तेजी लाना या किसी कार्य को फिर से शुरू करना।
- किसी के हाथों में खेलना – इसका अर्थ है कि कोई व्यक्ति किसी और के नियंत्रण में है या किसी की मर्जी के अनुसार चल रहा है।
- दूध का दूध और पानी का पानी – इसका अर्थ है कि सच और झूठ को स्पष्ट करना या किसी चीज़ की असलियत को सामने लाना।
उपयोगिता
इन मुहावरों का उपयोग कहानी में संवाद को और भी प्रभावी और रोचक बनाने के लिए किया जाता है। ये न केवल भाषा को समृद्ध करते हैं, बल्कि पाठक को भी कहानी के भावनात्मक पहलुओं से जोड़ते हैं।
सुझाव
किसी भी कहानी का अध्ययन करते समय, पाठक को मुहावरों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये न केवल संवाद को जीवंत बनाते हैं, बल्कि कहानी के संदेश को भी स्पष्ट करते हैं।
